दिल्ली में बेहद कम ब्याज दर पर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के तीन बदमाशों को शाहदरा जिला के साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सराय तरीन, हयात नगर, संभल, यूपी निवासी हितेश कुमार उर्फ आकाश शर्मा, गौतम और सैदपुर, इज्जत नगर, बरेली, यूपी निवासी सत्यवीर सिंह यादव उर्फ सूरज के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल 225 सिमकार्ड, 21 मोबाइल फोन, चार बैंक कार्ड व तीन स्वाइप मशीनें बरामद की हैं। पकड़े गए आरोपियों में हितेश कुमार बीटेक इंजीनियर है जबकि गौतम एमएड किए हुए है। इनके बाकी साथी चंदन उर्फ चंदेला और रूपेश त्यागी द्वारका मोड़ इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलाते थे।
इन लोगों ने पिछले एक साल के दौरान एक करोड़ से अधिक की ठगी है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस को मामले में चंदन उर्फ चंदेला, रूपेश त्यागी, अंकित तिवारी, संजय यादव समेत कई अन्य की तलाश है। इन लोगों ने पिछले साल विश्वास नगर के कारोबारी से 26 लाख से अधिक की ठगी की थी।
शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि पिछले साल विश्वास नगर निवासी दीपक अग्रवाल ने ठगी की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी थी। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिये एक विज्ञापन देखा था। उसमें दावा किया गया था कि बेहद कम ब्याज दर पर लोन दिलवाया जाएगा। दीपक उनके झांसे में आ गया। अलग-अलग मद में दीपक से धीरे-धीरे 26 लाख रुपये ऐंठ लिये गए। पीड़ित की शिकायत पर पिछले साल ही मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई। जांच के दौरान पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस और व्हाट्सएप चैटिंग की मदद से तीन आरोपियों की पहचान की। बाद में आरोपी गौतम, सत्यवीर और हितेश को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने अपना अपराध कबूल लिया।
पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में सिमकार्ड, 21 मोबाइल, बैंक कार्ड स्वाइप करने की तीन मशीन व अन्य सामान बरामद किया। आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने चंदन उर्फ चंदेला, रूपेश, अंकित तिवारी, संजय यादव समेत अन्य के साथ मिलकर ठगी की। रूपेश और हितेश ठगी के लिए सिमकार्ड और बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाते थे।
सत्यवीर मोबाइल फोन का इंतजाम करवाता था। इसके अलावा गौतम ठगी की रकम को दूसरे फर्जी खातों में ट्रांसफर करने के बाद रकम निकलता था। बाद में वह अपना हिस्सा रखने के बाद बाकी रकम दूसरे सदस्यों तक पहुंचाता था। चंदन और रूपेश द्वारका मोड़ इलाके में अपना कॉल सेंटर चलाते थे। पुलिस आशंका जता रही है कि इन लोगों ने सैकड़ों लोगों को इसी तरह चूना लगाया। आरोपियों ने किन-किन लोगों से कितनी रकम ठगी उसकी पड़ताल की जा रही है। इनके खातों की पड़ताल से फिलहाल पिछले साल एक करोड़ से अधिक की रकम के ठगी का पता चला है। पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर इनके बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।