शाहदरा की ज्योति कालोनी में पत्नी और बेटी की गला रेतकर हत्या कर फंदे से लटकने के मामले में पुलिस को एक पत्र मिला है। पेंसिल से लिखे पत्र में बताया गया है कि सुशील को घोड़े की रेस पर सट्टा लगाने की लत थी। इसमें वह करोड़ों रुपये हार गया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पत्र पर पत्नी की लिखाई बताई जा रही है।
पुलिस ने घर से मिले सभी मोबाइल के अलावा खाने के सैंपल को एफएसएल की जांच के लिए भेज दिया है। इसके अलावा परिवार के मोबाइल की सीडीआर निकलवाकर पड़ताल की जा रही है। इस बात का भी पता किया जा रहा है कि सुशील को कोई कर्ज चुकाने के लिए परेशान तो नहीं कर रहा था।
बुधवार को सुशील, पत्नी और बेटी के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। दिल्ली सरकार से मेडिकल बोर्ड गठन की सिफारिश की गई है। बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम की उम्मीद है। वारदात में जिंदा बचे सुशील के बेटे युवराज की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। बुधवार को गले का ऑपरेशन कर आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया है। माना जा रहा है कि कर्ज के बोझ की वजह से सुशील दबाव में आकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
इधर, मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि देर शाम को छानबीन के दौरान सुशील के घर से एक पेंसिल से लिखा नोट मिला था। इसमें लिखा था कि वर्ष 2016 में सुशील के पिता भेल कंपनी से रिटायर हुए थे। उन्हें करीब 20 लाख रुपये मिले थे। इन रुपयों को सुशील ने ले लिया था और सारी रकम सट्टे में गंवा दी थी। इसके अलावा उसने पत्नी अनुराधा के जेवर चुपचाप बेचने के अलावा मार्केट में कई लोगों से कर्ज ले लिया। अब हालत यह हो गई थी कि परिवार घर से बाहर निकलने में झिझकने लगा था।