जाफराबाद में गैंगवार में पांच बदमाशों ने गली में बैठे चार युवकों पर गोलियां बरसा दीं। पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही लोगों ने घायल अरबाज (25), हमजा (20), समीर खोपड़ (20) और अब्दुल हसन (18) को नजदीकी जगप्रवेश चंद अस्पताल पहुंचा दिया था, जहां से सभी को जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। हमजा के सीने, समीर की कमर, अरबाज और अब्दुल हसन के कूल्हे पर गोली लगी है। समीर और हमजा की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने आठ खोखे बरामद किए हैं। चारों युवक गैंगस्टर छेनू से जुड़े बताए जा रहे हैं जबकि हमलावर नासिर गिरोह के हैं।
पुलिस ने हत्या के प्रयास, ऑर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। इसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है। गोलीबारी के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस के मुताबिक, अरबाज परिवार के साथ जाफराबाद की गली नंबर-38 में रहता है।
सोमवार रात करीब 9 बजे वह छोटे भाई हमजा और दोस्त समीर खोपड़ व अब्दुल हसन के साथ गली में बैठा हुआ था। इस बीच तीन बदमाशों ने गोलियां चला दीं। इसके बाद आरोपी मुख्य सड़क की ओर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। तीन बदमाश फुटेज में गोली चलाते हुए दिखे हैं, जबकि दो रेकी करते नजर आए हैं। हमजा को छोड़कर बाकी तीनों घायलों के खिलाफ लूटपाट, हत्या और अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं।
अरबाज को निशाना बनाने की आशंका
पुलिस के सूत्रों ने आशंका जताई कि बदमाश अरबाज को निशाना बनाने के लिए आए थे। अरबाज कई सालों से छेनू गैंग से जुड़ा है। उसने वर्ष 2021 में गैंगस्टर मुमताज के भतीजे शब्बू के साथ मिलकर सीलमपुर में बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इसके अलावा वह एक हत्या में भी शामिल रहा था। एक माह पूर्व ही वह जमानत पर बाहर आया था। नासिर मकोका में तिहाड़ में बंद है जबकि छेनू मकोका से बरी होकर जेल से बाहर आ गया था, लेकिन एनआईए ने उसे यूएपीए के तहत 17 मई को गिरफ्तार कर लिया था।