दिल्ली में ऑटो का शुरुआती किराया (मीटर डाउन) 25 रुपये से बढ़कर 30 रुपये कर दिया गया है। टैक्सी के लिए शुरुआती एक किलोमीटर के लिए न्यूनतम किराया 25 के बजाय 40 रुपये कर दिया गया। ऑटो के प्रति किलोमीटर किराया भी 9.5 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये यात्रियों को भुगतान करना होगा। नॉन एसी टैक्सी में सफर करने के लिए दूसरे किलोमीटर से (प्रति किमी) 14 रुपये के बजाय 17 रुपये कर दिया गया है। एसी टैक्सी के लिए किराया 16 रुपये से बढ़ाकर प्रति किमी 20 रुपये कर दिया गया है।
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कमेटी ने की थी सिफारिश
ऑटो किराये में 2020 में इससे पहले संशोधन हुआ था। इनमें काली-पीली के साथ इकोनॉमी और प्रीमियम टैक्सी में 2013 में बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को ऑटो, टैक्सी यूनियनों की तरफ से सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी के बाद किराये में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। इससे दिल्ली के लाखों ऑटो-टैक्सी चालकों को राहत मिलेगी। सरकार ने किराये में बढ़ोतरी के लिए 2022 में 13 सदस्यों की एक कमेटी गठित की। कमेटी ने काली-पीली और इकोनॉमी टैक्सी के किराये में संशोधन की सिफारिश की थी। इसकी समीक्षा के बाद केजरीवाल सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
ऑटो किराया
मीटर डाउन (शुरुआती 1.5 किमी के लिए) : 25 से बढ़कर 30 रुपये
इसके बाद प्रति किलोमीटर 9.50 से बढ़ाकर 11 रुपये
रात 11 से सुबह 5 बजे तक : किराये का 25 फीसदी अतिरिक्त
सामान प्रभार-10 रुपये प्रति
प्रतीक्षा शुल्क-75 पैसे प्रति मिनट(10 मिनट में एक किलोमीटर से कम दूरी तय करने पर)
टैक्सी(काली-पीली) : एक किलोमीटर के लिए 25 से बढ़कर 40 रुपये
प्रति किलोमीटर (नॉन एसी) : 14 रुपये के बजाय 17 रुपये
एसी टैक्सी : 16 रुपये से बढ़कर 20 रुपये
रात्रि प्रभार : किराये का 25 प्रतिशत
प्रतीक्षा प्रभारः एक रुपये प्रति मिनट, ट्रैफिक में फंसे या बेहद धीमी गति रफ्तार होने पर प्रत्येक मिनट के लिए (10 मिनट में एक किमी से कम दूरी)
सामान : 10 रुपये बढ़कर 15 रुपये प्रति नग