कोहरे की आशंका को देखते हुए रेलवे ने ट्रेनों की रफ्तार घटाने का निर्णय लिया है। बगैर फॉग डिवाइस वाली ट्रेनों की गति सीमा 60 किलोमीटर प्रति घंटे, जबकि डिवाइस से लैस ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
रेलवे ने ट्रेन इंजन को फॉग उपकरणों से लैस करने का निर्देश दिया है। उत्तर भारत में कोहरे से प्रभावित क्षेत्रों में चलने वाले सभी लोकोमोटिव में लोको पायलटों को फॉग सेफ डिवाइस उपलब्ध कराए जाए। साथ ही डेटोनेटरों की नियुक्ति की जाए। इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
डिटोनेटिंग सिग्नल, जिन्हें डेटोनेटर या फॉग सिग्नल के रूप में जाना जाता है। यह पटाखा होता है जो पटरियों पर लगाया जाता है और जब कोई इंजन उनके ऊपर से गुजरता है, तो वह चालक का ध्यान आकर्षित करने के लिए विस्फोट करता हैं।