जीपीएस से 12 घंटे में पकड़े गए कैब लुटेरे
मोबाइल लूटकर बुक कराई थी कैब, सीसीटीवी कैमरों में आ गया था बदमाशों का चेहरा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका जिले की छावला थाना पुलिस ने कैब लूटने वाले बदमाशों पपरावट गांव निवासी कुलदीप (25) और देवेंद्र (24) को वारदात के 12 घंटे बाद ही दबोच लिया। आरोपी कैब में लगे जीपीएस और सीसीटीवी फुटेज से पकड़े गए। उनका चेहरा सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। आरोपियों ने दूसरे कैब ड्राइवर से लूटे गए मोबाइल फोन से कैब को बुलाया था। इसके बाद कैब लूट ली थी।
द्वारका जिला डीसीपी आंटो अल्फोसे के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली कि लूटी गई ओला कैब मुनिरका कुंज में खड़ी है। पुलिस ने वहां सफेद स्विफ्ट डिजायर ओला कैब को वहां पार्क देखा। मूल रूप से यूपी के चित्रकूट निवासी और फिलहाल नोएडा में रह रहे कैब चालक रवि (27) ने बताया कि रात करीब 11:32 बजे रिलायंस फ्रेश, न्यू रोशनपुरा, नजफगढ़ से पपरावट गांव के लिए दो युवकों ने कैब बुक की थी। रास्ते में उन्होंने उसका मोबाइल ले लिया और मारपीट के बाद कैब से उतार दिया। आरोपी उसकी कैब, तीन मोबाइल फोन, 1700 रुपये, एटीएम कार्ड आदि ले गए थे। मामला दर्ज कर छावला सब-डिवीजन एसीपी कुलबीर सिंह की टीम को जांच के दौरान कार की जीपीएस लोकेशन मुनिरका कुंज मिली।
पुलिस ने वारदात वाले रूट की कई जगह की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। फुटेज में बदमाशों का चेहरा मिल गया। एसआई प्रकाश कश्यप की टीम ने जांच के बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों ने बताया कि वे शादी समारोहों में ढोल बजाने का काम करते थे। ड्रग्स व शराब की लत पूरी करने के लिए ये वारदात करते थे। आरोपियों ने बताया कि इन्होंने पहले पंचर होने पर टायर बदल रहे कैब चालक से उसका मोबाइल लूटा। इस फोन से उन्होंने रवि की कैब बुक कराई थी। रवि की कैब में जीपीएस लगा हुआ था। लूट के बाद इन्होंने कैब मुनिरका कुंज में छिपा दी और खरीदार ढूंढ रहे थे। कुलदीप व देवेंद्र के खिलाफ पहले से दो-दो आपराधिक मामले दर्ज हैं।