दूसरे के नाम से सिम को एक्टिवेट कर बेचने वाले धरे
या
500 फर्जी सिमकार्ड बेचने वाले 3 बदमाश गिरफ्तार
- आरोपी एक सिम को 800 से 1000 हजार में बेचते थे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने किसी और के नाम से मोबाइल सिम को एक्टिवेट कर दूसरे को बेचने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी इस तरह करीब 500 मोबाइल सिम कार्ड बेच चुके हैं। आरोपी एक सिम को 800 से 1000 हजार में बेचते थे। ये सिम कार्ड को ज्यादातर जालसाजों को बेचते थे। आरोपियों की पहचान खजूरी खास निवासी अफजल (27), हर्ष विहार निवासी देवेंद्र (44) और गोकलपुरी निवासी सागर वशिष्ट (32) के रूप में हुई है।
अपराध शाखा डीसीपी डॉ. जी रामगोपाल नायक के अनुसार दिल्ली पुलिस से रिटायर पुलिस अफसर रणबीर मुखर्जी ने शिकायत दी थी कि उनके पास 30 मई, 2018 को आरपी शर्मा नाम के व्यक्ति का फोन आया और आरोपी ने खुद को एलआईसी एजेंट बताया। आरोपी ने कहा कि वह हर वर्ष पॉलिसी का प्रीमियम देते हैं। आरोपी ने रिटायर पुलिस अधिकारी से 25,400 का चेक मांगा। साथ में पैनकार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड मांगा। पीड़ित से कहा कि उसका 45 दिन में खाता खुल जाएगा और बोनस खाते में आ जाएगा। इस तरह आरोपी ने पीड़ित से 22 लाख रुपये ले लिए थे। अपराध शाखा ने मामला दर्जकर पंकज गुप्ता, गुरनाम सिंह, विपिन कुमार लुथरा, नरेंद्र सैनी और रामराज सिंह परमार को गिरफ्तार कर लिया था। इन आरोपियों ने पूछताछ में एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचने वाले आरोपियों के बारे में बताया। इसके बाद इंस्पेक्टर विनय त्यागी व दिनेश कुमार की टीम ने फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पीड़ित की फिंगर प्रिंट दो बार करते थे स्कैन
अफजल ने पूछताछ में बताया कि वह मोबाइल सिम कार्ड का एजेंट हैं। उसकी खजूरी खास में दुकान है। जब कोई ग्राहक सिम कार्ड लेने उसके पास आता था तो वह पीड़ित की फिंगर प्रिंट एक बार की बजाय दो बार स्कैन कर लेता था। एक फिंगर से वह सिम कार्ड को एक्टिवेट कर ग्राहक को दे देता था, जबकि दूसरे फिंगर प्रिंट से वह दूसरे सिम कार्ड को एक्टिवेट करता था। इस सिम को वह देवेंद्र को दे देता था और सागर वशिष्ट को बेच देता था। सागर इन सिम कार्डों को पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी रामराज व भाई जयपाल को बेच देता था। इन सिम को ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाता था।