मासूम के सामने पिता को गोलियां से भून डाला
न्यू उस्मानपुर में थाने से कुछ कदम की दूरी पर वारदात, आठ गोलियां लगीं, मौके पर ही मौत
- पुरानी रंजिश में वारदात का आरोप, दो लड़के हिरासत में
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यू उस्मानपुर इलाके में रविवार रात थाने से चंद कदम की दूरी पर छह बदमाशों ने हकीमुद्दीन (44) की उसके पांच साल के मासूम बेटे के सामने ही गोलियां से भूनकर हत्या कर दी। वह बेटे को लेकर दुकान से सामान लेने के लिए निकला था। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हकीमुद्दीन के छोटे भाई के प्रेम विवाह करने पर हुई रंजिश की वजह से ही उसकी हत्या की गई। इसी रंजिश में एक युवक की हत्या के मामले में हकीमुद्दीन के दो भाई जेल में हैं। हकीमुद्दीन की बहन का आरोप है कि हत्यारों में दो महिलाएं भी थीं, लेकिन पुलिस इससे इंकार कर रही है। पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक, हकीमुद्दीन 292, गली नंबर-ई-13सी, जे-ब्लॉक, न्यू सीलमपुर में पत्नी रेशमा, चार बेटियों और दो बेटों के साथ रहता था। यह मकान न्यू उस्मानपुर थाने से करीब 100 मीटर दूर है। हकीमुद्दीन डीटीसी क्लस्टर बस में चालक था। रविवार रात वह जे-ब्लॉक में ही रहने वाली मौसी के घर खाना खाकर परिवार के साथ लौट रहा था। साथ में छोटी बहन रहमत भी थी। घर पर रेशमा ने हकीमुद्दीन से बेटे के लिए हगीज लाने को कहा। वह पांच वर्षीय बेटे के साथ घर के नीचे ही दुकान पर आ गया। हकीमुद्दीन दुकान पर पहुंचा ही था कि पहले से बाइक व स्कूटी पर घात लगाए आधा दर्जन से अधिक लड़कों ने पिस्टल निकाल ली। बेटे ने यह देखकर कहा कि कोई आपको गोली मार कर रहा है। हकीमुद्दीन ने पलटकर देखा तो इसी दौरान बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। हकीमुद्दीन का बेटा भागकर अपने घर चला गया। इस बीच, बदमाशों ने दर्जन से अधिक गोलियां चलाईं। इनमें से आठ हकीमुद्दीन को लगीं। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजन नीचे पहुंचे और हकीमुद्दीन को नजदीकी जगप्रवेश चंद अस्पताल ले गए,। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुरानी रंजिश की वजह से हकीमुद्दीन की गोली मारकर हत्या की गई। हत्या का मामला दर्ज कर फिलहाल दो लड़कों को हिरासत में लिया गया है।
- अतुल कुमार ठाकुर, जिला पुलिस उपायुक्त
भाई के प्रेम विवाह करने पर हुई थी रंजिश
हकीमुद्दीन की बहन रहमत ने बताया कि उसके परिवार में दो और भाई नईमुद्दीन उर्फ बड़ा नन्हे और शहजाद उर्फ छोटा नन्हे हैं। उनके कुछ रिश्तेदार अपनी बहन की शादी शहजाद से कराना चाहते थे। करीब एक साल पूर्व शहजाद ने रिश्तेदारों व परिवार की मर्जी के खिलाफ चुपचाप प्रेम विवाह कर लिया था। इस पर उसके रिश्तेदारों ने कड़ा ऐतराज किया था। इसी रंजिश में 8-9 माह पूर्व हकीमुद्दीन के रिश्तेदारों ने नईमुद्दीन पर हमला कर दिया था। शहजाद भी बीच-बचाव कराने चला गया था। उस झगड़े के दौरान चली गोली से पड़ोसी युवक सलमान की मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर नईमुद्दीन और शहजाद को गिरफ्तार कर लिया था। हकीमुद्दीन के रिश्तेदार उसे भी देखने की धमकी देते थे। परिवार का आरोप है कि उन रिश्तेदारों ने ही हकीमुद्दीन की हत्या की है।
मासूम ने घर जाकर दी हत्या की खबर
हकीमुद्दीन के पांच साल के बेटे ने बदमाशों को पिस्टल निकलते हुए देखा तो पिता से कहा कि कोई आपको गोली मार रहा है। गोद में लिए बेटे को नीचे उतारकर हकीमुद्दीन पलटा तो बदमाशों ने उस पर फायरिंग कर दी। बेटा पिता को गली लगते हुए देखता रहा और फिर भागकर अपने घर पहुंच गया। उसने परिजनों को बताया कि पापा को लड़कों ने गोली मार दी। परिजनों के नीचे आने से पहले ही बदमाश फरार हो गए।
रहमत बोली, दो महिलाएं भी साथ थीं
हकीमुद्दीन की बहन रहमत ने बताया कि मौसी के घर से लौटते समय उसने देखा कि कुछ बाइकों व स्कूटी पर उसके रिश्तेदार, जिनसे परिवार का झगड़ा है, खड़े थे। उनमें दो महिलाएं भी थी। रहमत ने हकीमुद्दीन से कहा भी कि ये लोग उनके घर के पास क्यों खड़े हैं। हकीमुद्दीन ने बहन से उन लोगों को नजरअंदाज करने के लिए कहा। बाद में वे घर में चले गए। जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर वारदात में महिलाओं के शामिल होने की बात से इंकार कर रहे हैं।