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कार के बंपर पर डेंट से धरा गया दिनेश

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कार के बंपर पर डेंट से धरा गया दिनेश
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सेवानिवृत्त विंग कमांडर की पत्नी की हत्या का मामला : बोला, लूटने के लिए ही की थी दोस्ती
- आरोपी से 52 लाख के जेवर और कैश बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका साउथ इलाके की पॉश सोसायटी में सेवानिवृत्त विंग कमांडर की पत्नी मीनू जैन (52) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 72 घंटे में सुलझा ली। आरोपी दिनेश को सोमवार शाम जयपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। छानबीन से जुड़े पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की कार के बंपर पर लगे एक डेंट, मीनू के सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और सीसीटीवी फुटेज से हत्याकांड का खुलासा हुआ। पुलिस ने दिनेश को स्काईवे अपार्टमेंट केडिया रोड, जयपुर से पकड़ा। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि दिसंबर माह में उसने मीनू से एक फ्रेंडशिप ऐप के जरिये दोस्ती की। मीनू ने कई बार उसकी आर्थिक मदद की। उसका इरादा शुरू से उन्हें लूटने का था। आठ बार की मुलाकात के बाद उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
छानबीन के दौरान एसीपी राजेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर बलबीर सिंह, नवीन व अन्य की टीम को पता चला कि आरोपी की एंट्री फ्रेंडली हुई थी। सोसायटी की सीसीटीवी फुटेज में सफेद स्विफ्ट डिजायर कार का पता चला। उस पर नंबर फर्जी लगा हुआ था। इसके बाद पुलिस ने पिछले चार माह की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि कार पहले भी कई बार सोसायटी में आई है। वारदात से एक दिन पूर्व कार सोसायटी से 8:45 पर जाते हुए और 9:15 पर लौटते हुए दिखी। इस संदिग्ध कार को शुक्रवार सुबह 5:21 बजे सोसायटी से निकलते हुए देखा गया। कार के पिछले बंपर पर एक डेंट था। पुलिस ने महिला के मोबाइल की छानबीन की तो उसका जीपीएस एक्टिव था। इसके आधार पर पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन पता की तो संदिग्ध कार जयपुर हाईवे की ओर जाने का पता चला।
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पुलिस ने जयपुर हाईवे पर खेड़कीदौला और बाद में शाहजहांपुर टोल की सीसीटीवी फुटेज देखी तो कार जयपुर जाने की पुष्टि हुई। कार की पहचान नकली नंबर और पिछले बंपर पर डेंट से हुई। पुलिस ने मीनू की सीडीआर निकलवाई तो राजस्थान के एक मोबाइल नंबर की पहचान हुई। इस नंबर का मालिक वारदात के समय सोसायटी में ही था। इस नंबर के आधार पर पुलिस ने कार को कनेक्ट किया तो वह राजस्थान के सीकर में पंजीकृत मिली। पुलिस की एक टीम सीकर गई, लेकिन वहां कामयाबी नहीं मिली। इधर, आरोपी के नंबर की लोकेशन के आधार पर सोमवार शाम उसे केडिया रोड, राजस्थान के अपार्टमेंट से दबोचा गया। पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसने लूटपाट के लिए ही महिला की हत्या की थी।

आठ बार मीनू ने मिलने गया था दिल्ली
आरोपी ने बताया कि दिसंबर 2018 में मीनू से उसकी दोस्ती एक ऐप के जरिये हुई थी। दोनों फोन पर लगातार बातचीत करने लगे। दिनेश मीनू से मिलने जयपुर से दिल्ली आता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कुल आठ बार मीनू से मिलने दिल्ली आया। बृहस्पतिवार को पूरी योजना बनाकर मीनू की हत्या के लिए पहुंचा था। मीनू ने फोन पर बताया था कि उसके घर पर कोई नहीं है। दिनेश दिल्ली पहुंचा और रात को मीनू के साथ डिनर किया। देर रात दोनों ने एक साथ बैठकर शराब पी। मीनू को नशा हो गया तो उसने तकिये की मदद से मुंह दबाकर उनकी हत्या कर दी। बाद में घर में रखा 52 लाख का माल और मीनू का मोबाइल लूटकर शुक्रवार तड़के फरार हो गया।

राजस्थान में आरोपी पर हेराफेरी के कई मामले
छानबीन में पुलिस को पता चला है कि दिनेश दीक्षित शुरू में प्रॉपर्टी डीलर था। उसके खिलाफ राजस्थान में हेराफेरी के कई मामले दर्ज हैं। 2015 में वह ठगी के एक मामले में जेल में गया था। करीब चार साल जेल में बिताने के बाद वह बाहर आया। इसके बाद वह डॉग ब्रीडिंग कराने लगा। वह आईपीएल मैचों में सट्टे के अलावा अन्य गैरकानूनी धंधों में लिप्त हो गया। सट्टे में भारी नुकसान होने के बाद उसने महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें लूटने की योजना बनाई। इसी कड़ी में उसकी पहचान मीनू से हुई। जल्द ही उसे पता चल गया कि मीनू के पास मोटी दौलत है। इसी वजह से आरोपी लगातार उसके संपर्क में रहा। मौका लगते ही उसने वारदात को अंजाम दे दिया।
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रंगीन मिजाज है आरोपी दिनेश दीक्षित
नई दिल्ली। दिनेश दीक्षित शुरू से ही रंगीन मिजाज रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिनेश मूल रूप से राजस्थान के सीकर स्थित रामगढ़ का रहने वाला है। दिनेश ने दो शादी की हुई हैं और इसके पांच बच्चे हैं। उसके कई अन्य महिलाओं से करीबी रिश्ते बताए जाते हैं। इसके पिता आरएल दीक्षित सरकारी अस्पताल में डॉक्टर थे। वहां से सेवानिवृत्ति के बाद वे रामगढ़ में ही अपना प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं। इसका बेटा राहुल भी दादा के साथ क्लीनिक पर बैठता है। दिनेश का एक बेटा उसके साथ जयपुर में ही रहता है। छानबीन में पुलिस को पता चला है कि दिनेश के खिलाफ धोखाधड़ी के अलावा हत्या के प्रयास का एक मामला भी दर्ज है।
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