फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एचडीएफसी बैंक को 82 लाख का चूना लगाने के आरोप में तीन गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
एचडीएफसी बैंक में 82 लाख की
विज्ञापन

धोखाधड़ी में तीन आरोपी गिरफ्तार
- फर्जी कागजातों के आधार पर खोले हुए थे 100 से अधिक खाते
- एक साल तक बैंक का विश्वास जीतने के लिए खाते में करते थे लेन-देन
- क्रेडिट कार्ड के जरिये भी दर्जनाें बैंकों के साथ की ठगी
- पुलिस को गिरोह के सरगना समेत तीन अन्य की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। फर्जी कागजातों के आधार पर बैंकों में खाते खोलकर धोखाधड़ी करने वाले गैंग के तीन बदमाशों को अपराध शाखा ने दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान श्रवण कुमार (27) निवासी सेक्टर-25 प्रह्लाद विहार रोहिणी, मोहित कुमार (38) निवासी बलजीत नगर और मनीष तिवारी (30), मोहन गार्डन उत्तम नगर के रूप में हुई है। आरोपियों ने दिल्ली में एचडीएफसी बैंक की दो शाखाओं में कुल 82 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इन लोगों ने एचडीएफसी बैंक में फर्जी कागजात के आधार पर 100 से अधिक खाते खोले हुए थे। लोन और क्रेडिट कार्ड के जरिये बैंकों में धोखाधड़ी की गई। अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि आशंका व्यक्त की जा रही है कि इन लोगों ने विभिन्न बैंकों में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। अपराध शाखा पुलिस को गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों की तलाश है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि सब्जी मंडी में एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने पुलिस से 62 लाख रुपये ठगी की शिकायत की थी। जिसमें बताया कि उनके बैंक में फर्जी कागजात के आधार पर 14 फर्जी खाते खोले गए। केवाईसी भी फर्जी कागजात के आधार पर किया गया। सभी खाते अलग-अलग नामों से थे, लेकिन उन पर फोटो एक ही शख्स की थी। इन खातों के आधार पर आरोपियों ने बैंक से लोन के नाम पर 62 लाख की धोखाधड़ी की। इसी तरह बाराखंभा एचडीएफसी बैंक शाखा ने सात खातों का जिक्र कर 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत की थी। मामले की जांच अपराध शाखा ने शुरू की।
विज्ञापन

एसीपी अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर सतीश कुमार व अन्य की टीम को जांच में पता चला कि ठगी में शामिल आरोपी पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास आने वाले हैं। सूचना के बाद पुलिस ने पहले श्रवण कुमार और मनीष तिवारी को दबोचा। बाद में मोहित को भी दबोच लिया। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद हुए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनके गैंग के सरगना डॉक्टर महबूब और अभिषेक उर्फ अभय हैं। उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज पर ही इन्होंने बैंक खाते खोलकर वारदात को अंजाम दिया। महबूब, अभिषेक और मनीष जायसवाल नामक शख्स की पुलिस को फिलहाल तलाश है।
--------
ऐसे की जाती थी बैंकों से ठगी
आरोपियों ने खुलासा किया कि गैंग के सरगना डॉ. महबूब व अभिषेक इन्हे फर्जी पैन नंबर, आधार, वोटर आईकार्ड व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराते थे। जिनके आधार पर यह विभिन्न बैंकों में खाते खोलकर उनमें लगातार ऑनलाइन रुपये इधर से उधर करते थे। एक साल होने पर जब यह लोन के लिए दावेदार हो जाते थे, बैंक से पर्सनल लोन ले लिया जाता था। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड भी बनवा लिया जाता था। लोन लेकर बैंक खाते से रकम निकालकर अपने मोबाइल बंद कर लिए जाते थे। बैंक फर्जी कागजात होने के कारण कभी इन तक नहीं पहुंच पाते थे। इन लोगों ने एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, एसबीआई, आरबीएल, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत दर्जनों बैंकों के साथ धोखाधड़ी की। अकेले एचडीएफसी बैंक में 100 से अधिक खाते खुलवाए हुए थे।
विज्ञापन

----
यह सामान हुआ बरामद
आरोपियों के पास से 22 पैन कार्ड, 9 आधार, 21 वोटर आईकार्ड, 4 डीएल, 38 डेबिट और क्रेडिट कार्डं, 15 मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में फोटो बरामद किए हैं। बरामद सभी कागजात फर्जी हैं। श्रवण एक सरकारी बैंक में केवाईसी कागजात कलेक्ट करने का काम कर चुका हैै। वहीं, मनीष बीपीओ में काम कर चुका हैै। इसके अलावा मोहित ने निजी बैंक में डीएसए की नौकरी की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें