फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले दो धरे
- दिल्ली में ही यूपी और बिहार का लाइसेंस बनाते थे आरोपी
- रोज 10 से 15 लाइसेंस बनाते थे, एक साल से बना रहे थे डीएल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
साकेत थाना पुलिस ने फर्जी लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली में ही यूपी और बिहार का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाते थे। आरोपी हर रोज 10 से 15 ड्राइविंग लाइसेंस बनाते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपी एक वर्ष में तीन हजार से ज्यादा फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बना चुके हैं। दोनों के कब्जे से छह फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि संगम विहार निवासी दिलीप कुमार (25) ने 30 जनवरी को साकेत पुलिस को शिकायत दी थी कि वह शेखसराय अथॉरिटी के बाहर प्रेस एंक्लेव रोड पर चंद्र्र्रभान नामक व्यक्ति से लाइसेंस बनवाने के लिए मिला था। चंद्रभान ने उससे कुछ कागजात, फोटो व 6100 रुपये ले लिए और दो-तीन दिन में उसे यूपी का ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया। दोस्तों के बताने पर दिलीप को पता लगा कि ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं। उसने चंद्रभान को लाइसेंस वापस दे दिया। दिलीप कुमार ने अपनी शिकायत में था कि आरोपी ने उसका लाइसेंस नहीं दिया था। मामला दर्जकर साकेत थानाध्यक्ष केशव माथुर की देखरेख में आईएस जितेंद्र मलिक की टीम ने जांच शुरू की। जांच के बाद एसआई जितेंद्र मलिक की टीम ने जल विहार, लाजपत नगर निवासी चंद्रभान (29) को गिरफ्तार कर लिया। चंद्रभान ने बताया कि उसेे लाइसेंस तैयार कर कमल देता था। इसके बाद समयपुर बादली निवासी कमल (35) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से यूपी, बिहार व दिल्ली के बने हुए छह फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किए गए।
दो और आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
आरोपियों ने बताया कि फर्जी लाइसेंस पप्पू व विजय बनाते थे। दोनों समयपुर बादली के रहने वाले हैं। वह एक लाइसेंस का दो से छह हजार रुपये लेते थे। अगर लाइसेंस बनवाने वाला अच्छे पैसे वाला होता था तो आरोपी उससे ज्यादा पैसे ले लेते थे। पुलिस विजय व पप्पू को गिरफ्तार करने के लिए समयपुर बादली व अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही है। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाला गिरोह समयपुर बादली से ऑपरेट हो रहा था। इस गिरोह में कई बदमाश हैं।