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वसंतकुंज तीसरे हत्याकांड में बेटे के खिलाफ आरोपपत्र दायर

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तिहरे हत्याकांड में बेटे के खिलाफ आरोपपत्र दायर
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पुलिस का तर्क, आरोपी लाइफ स्टाइल में हस्तक्षेप करने से नाराज था
पुलिस ने चाकू बेचने वाले दुकानदार को मुख्य गवाह बनाया

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने वसंत कुंज के किशनगंज गांव में एक ही परिवार के तीन लोगों की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से हत्या करने के मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया। आरोपपत्र में परिवार के ही बेटे को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने तर्क रखा कि आरोपी सर्वनाम उर्फ सूरज परिवार द्वारा अपनी लाइफ स्टाइल में हस्तक्षेप करने से नाराज था, इसी कारण उसने हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने महरौली के उस दुकानदार को मुख्य गवाह बनाया है, जिसकी दुकान से सूरज ने चाकू खरीदा था, उसने आरोपी की पहचान भी की है।
पुलिस ने शनिवार को अदालत में सूरज के खिलाफ 250 पृष्ठों का आरोपपत्र व उससे जुड़े दस्तावेज दाखिल किए। पुलिस ने यह आरोपपत्र घटना के 86 दिन में दाखिल किया है। तय नियमों के अनुसार, यदि 90 दिन में आरोपपत्र दायर नहीं किया जाता है, तो आरोपी जमानत का हकदार बन जाता है।
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आरोपपत्र में पुलिस ने तर्क रखा कि 9 अक्तूबर, 2018 की रात सूरज ने अपने पिता मिथलेश वर्मा, मां सिया और बहन नेहा की चाकू से हत्या कर दी थी। इस हादसे में आरोपी ने स्वयं को भी घायल कर दिया था, ताकि घटना को लूटपाट का रूप दिया जा सके। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
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आरोपपत्र में पुलिस ने तर्क रखा है कि घटनास्थल पर सूरज की अंतिम लोकेशन पाई गई। इसके अलावा आरोपी को एक भी चाकू नहीं लगा, यह संभव ही नहीं है कि लूटपाट करने के लिए आए लोग उस पर चाकू से प्रहार न करें। इसी प्रकार पुलिस ने महरौली के उस दुकानदार को भी मुख्य गवाह बनाया है, जिसकी दुकान से सूरज ने चाकू खरीदा था, उसने आरोपी की पहचान भी की है।
पुलिस को आरोपी पर इस बात के लिए भी संदेह हुआ था कि घर में सामान बिखरा हुआ था, लेकिन लूटपाट नहीं हुई थी।
आरोपी सूरज का वर्ष 2013 में अपहरण हुआ था। पुलिस को इस बात का भी संदेह रहा था कि अपहरण में भी सूरज का स्वयं का हाथ था।




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