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एक तरफा प्यार में हुई थी डॉ. गरिमा की हत्या, साथी डॉक्टर गिरफ्तार

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ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, बहराइच और गोरखपुर के ध्यानार्थ

साथी डॉक्टर ने एकतरफा प्यार में की थी गरिमा की हत्या
आरोपी चंद्र प्रकाश रुड़की से गिरफ्तार, आत्महत्या की कर रहा था कोशिश

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। रंजीत नगर में मंगलवार रात को एमडी की तैयारी कर रही डॉ. गरिमा के हत्याकांड से शुक्रवार को पर्दा उठ गया। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वारदात के बाद से फरार चल रहे गरिमा के साथी डॉक्टर चंद्र प्रकाश उर्फ सीपी (27) को शुक्रवार सुबह रुड़की से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी गंग नहर के पुल पर खड़ा होकर आत्महत्या करने के लिए छलांग लगाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही अपराध शाखा की टीम ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी ने खुलासा किया कि वह डॉ. गरिमा से एकतरफा प्यार करता था। कुछ दिन से उसे लग रहा था कि गरिमा ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी है। मंगलवार को जब गरिमा गोरखपुर के लिए निकलने लगी, तो चंद्र प्रकाश की उससे बहस हो गई। झगड़े के दौरान पहले उसने गरिमा का गला घोंटा, बाद में बेहोश होने पर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. जी. राम गोपाल नायक ने बताया कि रंजीत नगर में डॉ. गरिमा मिश्रा (29) की हत्या के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। शुरुआत से ही पुलिस को शक था कि गरिमा के साथी डॉ. चंद्र प्रकाश वर्मा ने हत्या की है। स्थानीय पुलिस के अलावा अपराध शाखा की टीम भी चंद्र प्रकाश की तलाश में जुट गई।
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इस बीच बृहस्पतिवार को अपराध शाखा की टीम को खबर मिली कि आरोपी को उत्तराखंड के ऋषिकेश, हरिद्वार और रुड़की में देखा गया है। फौरन एसीपी जसबीर सिंह, इंस्पेक्टर रितेश कुमार, एसआई सुरेंद्र शर्मा व अन्य की टीम को उत्तराखंड रवाना कर दिया गया। इस बीच जांच के दौरान बृहस्पतिवार शाम को टीम को पता चला कि आरोपी चंद्र प्रकाश गरिमा की हत्या के बाद से हताश होकर आत्महत्या करने की फिराक में है। हरिद्वार और ऋषिकेश में आरोपी जिन होटलों में रुका था, टीम वहां पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से निकल चुका था।
काफी तलाश के बाद शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी रुड़की स्थित गंग नहर के पुल पर खड़ा होकर वहां लोगों से नहर की गहराई के बारे में पूछ रहा है। सूचना के बाद फौरन टीम वहां पहुंची और आरोपी को नहर में कूदने से पूर्व ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने एकतरफा प्यार में डॉ. गरिमा की हत्या की है। कुछ दिन उसके साथ नौकरी करने और बातचीत करने के बाद उसे लगा कि गरिमा उसके नजदीक आ गई है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गरिमा ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। रविवार को चंद्र प्रकाश ने गरिमा को फिल्म दिखाने का ऑफर किया था, जिसे गरिमा ने मना कर दिया था। इस बीच कोचिंग की छुट्टियां होने के बाद गरिमा ने अचानक मंगलवार दिन में गोरखपुर जाने का प्लान बना लिया। शाम को जब चंद्र प्रकाश को पता चला कि वह भड़क गया। उसने कमरे में जाकर गरिमा से बहस शुरू कर दी। बहस के दौरान उसने गरिमा का पहले गला घोंटा और बाद में गला रेतकर हत्या कर दी।

नवंबर 2018 में हुई थी मुलाकात
मूलरूप से चितईपुर, हरिहरपुर रानी तहसील (बहराइच) के रहने वाले चंद्र प्रकाश ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की थी। पढ़ाई करने के बाद आरोपी चंद्र प्रकाश नौकरी करने दिल्ली आ गया। यहां वह करोलबाग के एनसी जोशी अस्पताल में नौकरी करने लगा। इसी दौरान गोरखपुर की रहने वाली गरिमा मिश्रा भी अस्पताल में नौकरी के लिए आ गई। नवंबर 2018 में यहीं उसकी मुलाकात गरिमा से हुई। दोनों जूनियर रेजिडेंट के रूप में अस्पताल में काम करने लगे।

दोनों एक ही फ्लैट में रहते थे
आरोपी चंद्र प्रकाश ने पुलिस को बताया कि गरिमा और वह साथ में नौकरी करने लगे। गरिमा को करोलबाग के आसपास कहीं मकान की तलाश थी। इधर चंद्र प्रकाश व उसका दोस्त डॉ. राकेश यादव रंजीत नगर में दो कमरे के फ्लैट में किराये पर रहते थे। नौकरी के दौरान गरिमा से नजदीकियां बढ़ने पर चंद्र प्रकाश को गलत-फहमी होने लगी। उसे लगा कि गरिमा उससे प्यार करने लगी है। इसी वजह से उसने गरिमा से कहा कि अगर वह चाहे तो उसके फ्लैट के एक कमरे में वह रह सकती है, दोनों किराया आधा-आधा कर लेेंगे। गरिमा परिजनों से पूछकर इसके लिए तैयार हो गई। गरिमा और चंद्र प्रकाश एक ही फ्लैट में अलग-अलग कमरों में रहने लगे।
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एमडी की तैयारी के लिए नौकरी छोड़ी
नौकरी करने के साथ ही गरिमा का सपना था कि वह एमबीबीएस करने के बाद एमडी करे, लेकिन नौकरी के साथ वह तैयारी नहीं कर पा रहा थी। उसने परिजनों से पूछकर जनवरी में अस्पताल से नौकरी छोड़कर एमडी की तैयारी करने के लिए राजेंद्र नगर स्थित भाटिया कोचिंग ज्वाइन कर ली। चंद्र प्रकाश ने भी गरिमा के साथ नौकरी छोड़कर कोचिंग शुरू कर दी। चंद्र प्रकाश को लगता था कि वह गरिमा को शादी के लिए तैयार कर लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। गरिमा उससे चिढ़ने लगी। यहां तक उसने अपने परिजनों से एक बार चंद्र प्रकाश की शिकायत की, लेकिन बाद में उसने मामला सुलझने और जल्द ही दूसरा फ्लैट लेने की बात की थी।





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