दिल्ली में 2020 में हुए दंगों से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही एक सत्र अदालत ने पुलिस प्रमुख से कहा है कि वे सभी जांच अधिकारियों यानी आईओ को कॉल डिटेल वाले मामलों में मोबाइल फोन सेवा प्रदाताओं के नोडल अधिकारियों को गवाह बनाने के बारे में संवेदनशील बनाएं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर अदालत के समक्ष पेश की जाए।
पुलिस आयुक्त से आईओ को सीडीआर का पूरा सेट अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने गोकुलपुरी पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज 2020 दंगों के मामले की सुनवाई कर रहे थे। जो अभियोजन साक्ष्य के चरण में था। अभियोजन पक्ष ने पहले 19 मोबाइल फोन नंबरों के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत किए थे। जिसके बाद एक सेवा प्रदाता के नोडल अधिकारी से अभियोजन गवाह के रूप में पूछताछ की गई।
जानकारी के लिए बता दें कि अदालत ने सोमवार को पारित एक आदेश में कहा कि जांच के दौरान सीडीआर का पूरा सेट नहीं रखा गया। सीडीआर के ऐसे सेट में से केवल दो शीट ही मिलीं हैं। पूरी सीडीआर अदालत के समक्ष पेश की जाए।