वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली धूल प्रदूषण, परिवहन और पटाखों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने पर ध्यान देने के साथ वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति लागू कर रहा है। दिल्ली में वर्तमान में 7,041 बसों का बेड़ा है, जिसमें 4,088 दिल्ली परिवहन निगम की बसें और 2,953 क्लस्टर बसें शामिल हैं। इनमें 456 ई-बसें और 94 मिनी इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
पैनल ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने और व्यक्तिगत वाहन उत्सर्जन को कम करने के लिए सितंबर 2023 तक 850 और बसें और मार्च 2024 तक 650 अतिरिक्त बसें जोड़ने की योजना बना रही है। 23 सितंबर तक दिल्ली में 943 चालू प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणन स्टेशन हैं और 33.56 लाख पीयूसी प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार का प्लान तैयार हो गया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बीते दिन बताया था कि मुख्यमंत्री 29 सितंबर को विंटर एक्शन प्लान की घोषणा करेंगे। प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए दिल्ली सरकार 15 फोकस बिंदुओं पर विंटर एक्शन प्लान बना रही है। इसके लिए दिल्ली सचिवालय में संबंधित 28 विभागों के साथ 14 सितंबर को संयुक्त बैठक की गई थी।
रिपोर्ट के आधार पर तैयार हुआ प्लान
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सुझावों और रिपोर्ट के आधार विंटर एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। इसे मुख्यमंत्री दिल्ली के लोगों के सामने रखेंगे। उसके बाद सभी विभागों के साथ सर्दियों में होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए काम करेंगे। राय ने कहा कि इस बार प्रदूषण को कम करने के लिए हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी की जाएगी और 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई जाएगी।