केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सफदरजंग अस्पताल के न्यूरोसर्जन मनीष रावत के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। जिन्हें मार्च के महीने में घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि कथित तौर पर 2.40 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की है। उन्होंने बताया कि एफआईआर में उनकी पत्नी खुशबू रावत का भी नाम आरोपी के तौर पर शामिल किया गया है।
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टर के अलावा कनिष्क सर्जिकल के मालिक दीपक खट्टर, बिचौलिए अवनेश पटेल, मनीष शर्मा और कुलदीप को भी गिरफ्तार किया गया था। मार्च में मरीजों को शीघ्र सर्जरी की तारीखों के बदले जंगपुरा की एक दुकान से बढ़ी हुई कीमतों पर सर्जिकल उपकरण खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप है। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा था कि रावत ने मरीजों को ऐसी कीमत चुकाने के लिए मजबूर किया जो उपकरणों की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक थी।
आगे कहा कि दुकान मालिक ने ओवरबिलिंग के मुनाफे को आरोपी सर्जन के साथ साझा किया। जांच में रावत ने अपने मरीजों को 30,000 रुपये से लेकर 1.15 लाख रुपये तक की रिश्वत एक बिचौलिए के बैंक खाते में जमा करने के लिए कहा था। जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान ग्रे डायरी भी मिली थी। जिसमें रावत नेअपने साथियों और सर्जिकल उपकरण एम्पोरियम के मालिक के साथ मिलकर चलाए जा रहे रैकेट के बारे में जानकारी लिखी थी। सीबीआई को एक लॉकर में 69 लाख रुपये के आभूषण भी मिले थे।