केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आबकारी घोटाले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व आईएएस अधिकारी ए गोपीकृष्ण के घरों समेत 31 जगहों पर छापे मारे। इनमें कई कारोबारी संस्थान व गोपीकृष्ण के दो सहयोगी अफसरों के ठिकाने भी शामिल हैं। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर ब्यूरो ने इस घोटाले में 17 अगस्त को सिसोदिया समेत 15 लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज की थी। दिल्ली के अलावा छह राज्यों में लखनऊ, गुरुग्राम, मुंबई, चंडीगढ़, हैदराबाद व बंगलूरू में छापे मारे गए। सिसोदिया पर राजकोष को नुकसान पहुंचाने व शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ देने के आरोप हैं।
कांग्रेस ने किया छापों का समर्थन
कांग्रेस ने सीबीआई छापों का स्वागत किया है। कभी केजरीवाल की सहयोगी रहीं अलका लांबा ने कहा, यदि उनकी नीति सही थी, तो फिर से शीला दीक्षित सरकार की नीति को क्यों लागू किया, जबकि आम आदमी पार्टी हमेशा उनकी नीतियों की आलोचना करती थी।
शराब कारोबारियों के माफ किए 144.36 करोड़
उपमुख्यमंत्री के करीबियों ने वसूला कमीशन
केजरीवाल बोले-सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री
मनीष सिसोदिया आजाद भारत के सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री हैं। सीबीआई ‘ऊपरी आदेश’ के तहत आप के नेताओं को परेशान कर रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स में सिसोदिया की तारीफ में जिस दिन आलेख छपा, उसी दिन कार्रवाई हुई। पहले कैलाश गहलोत और सत्येंद्र जैन पर भी कार्रवाई हो चुकी है, न उसमें कुछ मिला न इसमें मिलेगा। -अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
ठाकुर ने कहा-सीबीआई के डर से पलट दी नीति
सिसोदिया एक्साइज नहीं एक्सक्यूज मंत्री हैं। मुद्दा शराब लाइसेंस में भ्रष्टाचार का है। जिस दिन मामला सीबीआई को सौंपा, सिसोदिया ने उसी दिन नीति पलट दी क्योंकि लाइसेंस बांटने में भ्रष्टाचार किया था। सीबीआई के डर के कारण केजरीवाल व सिसोदिया जांच एजेंसी की कार्रवाई को दिल्ली में शिक्षा सुविधाओं से जोड़ रहे हैं। -अनुराग ठाकुर, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री
अब ईडी भी शुरू कर सकती है जांच
सीबीआई की प्राथमिकी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब मनी लॉन्ड्रिंग की भी जांच शुरू कर सकता है। ईडी पहले सीबीआई के केस का विस्तृत अध्ययन करेगी और उसके बाद अपनी कार्रवाई आरंभ करेगी।