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Pollution: भाजपा बोली- कहां हैं पराली खत्म करने वाले डीकंपोजर? AAP ने पहले पंजाब फिर केंद्र पर थोपी जिम्मेदारी

Wed, 02 Nov 2022 06:42 PM IST
अमित शर्मा अमित शर्मा, नई दिल्ली

सार

भाजपा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने जनता के करोड़ों रूपये खर्च कर प्रचार कर बताया था कि उसके बनाए डीकंपोजर से पराली को खेतों में ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन अब जबकि पंजाब में पराली जलाने की घटना लगातार बढ़ रही है, केजरीवाल का डीकंपोजर कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है।
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वायु प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति एक बार फिर बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। वायु प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन महसूस हो रही है और अस्पतालों में सांस के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस पर राजनीति भी तेज हो गई है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में प्रदूषण के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विपक्ष ने कहा है कि आम आदमी पार्टी हमेशा अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर थोपने का काम करती है। जब तक वह पंजाब में सरकार में नहीं थी, वह दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार बताती रही। अब जबकि दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों में उसकी सरकार है, वह प्रदूषण के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहरा रही है।

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भाजपा ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ने जनता के करोड़ों रूपये खर्च कर प्रचार कर बताया था कि उसके बनाए डीकंपोजर से पराली को खेतों में ही खत्म किया जा सकता है, लेकिन अब जबकि पंजाब में पराली जलाने की घटना लगातार बढ़ रही है, केजरीवाल का डीकंपोजर कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है। विपक्षी दलों की मांग है कि दिल्ली सरकार को इस मामले पर राजनीति करने की बजाय ठोस उपाय कर प्रदूषण कम करने की कोशिश करनी चाहिए।

प्रदूषण की स्थिति
देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गई है। कई स्थानों पर PM 2.5 और PM 10 की मात्रा 400 के भी पार पहुंच गई है। बुधवार दोपहर शाहदरा में PM 2.5 का स्तर 373, आनंद विहार में 359, मदर डेयरी पर 294 दर्ज किया गया। सेटेलाइट से प्राप्त चित्रों से पता चलता है कि पंजाब में किसान लगातार पराली जला रहे हैं जिससे हवा में धुएं की मात्रा बढ़ गई है और इसके कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है। लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है, लेकिन इससे कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।

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दिल्ली के वाहनों से पैदा प्रदूषण ज्यादा खतरनाक
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली में स्थानीय कारणों से पैदा हुए कुल प्रदूषण में उसके अपने वाहनों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होती है। दिल्ली में इस समय लगभग 1.4 करोड़ वाहन हैं। हर साल लगभग पांच लाख नए वाहन रजिस्टर होते हैं जिसमें 97 प्रतिशत निजी कार्यों में इस्तेमाल होते हैं। विशेषज्ञों की राय है कि सरकार लोगों के लिए पर्याप्त सार्वजनिक वाहन नहीं उपलब्ध करा पा रही है जिसके कारण लोग निजी वाहन उपयोग करने पर मजबूर हो रहे हैं और इस कारण प्रदूषण में लगातार वृद्धि हो रही है।

मंत्री ने केंद्र पर थोपी जिम्मेदारी
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दिल्ली में प्रदूषण के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण गंभीर हुआ है, लेकिन इसके लिए केंद्र जिम्मेदार है क्योंकि उसने पंजाब सरकार को पराली से मुक्ति पाने के लिए आवश्यक सहायता नहीं दी। पंजाब सरकार ने किसानों को प्रति क्विंटल के हिसाब से मुआवजा देकर उन्हें पराली जलाने से रोकने का सुझाव दिया था, इसके लिए केंद्र से आर्थिक सहायता मांगी गई थी, लेकिन आरोप है कि इस उपाय को अव्यावहारिक बताते हुए केंद्र ने इसे अस्वीकार कर दिया। 

अपनी जिम्मेदारी दूसरों पर थोपते हैं केजरीवाल: बीजेपी
दिल्ली बीजेपी नेता नेहा शालिनी दुआ ने अमर उजाला से कहा कि अरविंद केजरीवाल केवल आरोप लगाने और प्रचार पाने की राजनीति करते हैं। जब तक उनके पास पंजाब की जिम्मेदारी नहीं थी, वे दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराते थे, लेकिन अब उनके पास पंजाब की भी जिम्मेदारी है, लेकिन अब वे केंद्र को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। 

आंकड़ों से साफ़ हो गया है कि हरियाणा के किसानों ने इस साल पराली जलाने से दूरी बरती है, लेकिन इसी बीच पंजाब के किसान भारी मात्रा में पराली जला रहे हैं, लेकिन पंजाब की भगवंत मान सरकार इसे रोक पाने में नाकाम साबित हुई है। यह लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

डीकंपोजर का क्या हुआ?
नेहा शालिनी दुआ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जनता के करोड़ों रूपये खर्च कर प्रचार कर बताया था कि डीकंपोजर मशीनों से पराली को खेतों में ही समाप्त किया जा सकता है। दिल्ली के किसानों के खेतों में इसका अच्छा परिणाम मिलने का दावा भी किया गया था। तब केजरीवाल कहते थे कि दूसरे राज्यों को भी यह मॉडल अपनाना चाहिए, लेकिन आज अब उनके पास पंजाब का भी मॉडल है, वे इसे वहां अपनाने की कोई योजना नहीं चला रहे हैं, बल्कि हर बार की तरह दूसरे पर जिम्मेदारी थोप रहे हैं।
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लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे केजरीवाल: कांग्रेस
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल लोगों की साँसों से भी राजनीति करना जानते हैं। जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी, वे दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, पंजाब में सरकार में सत्ता में आने पर वे केंद्र को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी वे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर अपनी राजनीति आगे बढ़ा रहे थे, आज भी वे वही काम कर रहे हैं।  

मुदित अग्रवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति करने की बजाय एक समग्र योजना बनाई जानी चाहिए। शोर्ट, मिड और लोंग टर्म के प्लान बनाकर प्रदूषण को कम कर लोगों का स्वास्थ्य और उसकी जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश की जानी चाहिए।
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