नई दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भविष्य की महामारियों से लड़ने के लिए एक वैश्विक नेटवर्क बनाया है। इसमें पूरे देश से नई दिल्ली के एम्स को चुना गया है। यह केंद्र प्रोफेसर डॉ. पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में काम करेगा। यूनिटी स्टडी प्रोटोकॉल नाम की योजना से महामारी के समय तेजी से डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इससे सही नीतियां बनाई जा सकेंगी। मिश्रा ने बताया, कोविड-19 ने दिखाया कि ऐसे प्रोटोकॉल बहुत उपयोगी हैं। डब्ल्यूएचओ के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में सिर्फ पांच जगहें चुनी गईं, जिनमें से एम्स एक है। यह गैर-महामारी समय में भी जन स्वास्थ्य और ट्रेनिंग में मदद करेगा। ऐसे में बृहस्पतिवार को केंद्र का उद्घाटन हुआ है। इस दौरान डब्ल्यूएचओ की भारत प्रतिनिधि पेडेन मुख्य अतिथि रहीं, जिनका स्वागत एफिकॉन के अध्यक्ष डॉ. उमेश कपिल ने किया। वहीं, डॉ. पुनीत ने प्रोजेक्ट बताया, जिस पर डीन डॉ. के. के. वर्मा ने खुशी जताई। इस दौरान एम्स के कई डॉक्टर और टीम मौजूद रहे।