दिल्ली के मूलचंद अस्पताल के ऑर्थोपैडिक विभाग के डॉक्टर विशाल निगम ने बताया कि अस्पताल की ऑर्थोपैडिक ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 15 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें कोरोना हुआ था और अब वह जोड़ों के दर्द से परेशान हैं।
दिल, दिमाग और फेफड़ों के बाद अब कोरोना का संक्रमण अब शरीर की हड्डियों को भी प्रभावित कर रहा है। संक्रमण से स्वस्थ हुए कई लोग जोड़ो और पीठ दर्द की समस्या से पीड़ित हो रहे हैं। दिल्ली के एक निजी अस्पताल की ओपीडी में ऐसे 15 फीसदी रोजाना इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर को काफी समय से यह परेशानियां बनी हुई हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के मूलचंद अस्पताल के ऑर्थोपैडिक विभाग के डॉक्टर विशाल निगम ने बताया कि अस्पताल की ऑर्थोपैडिक ओपीडी में आने वाले मरीजों में से 15 फीसदी ऐसे हैं जिन्हें कोरोना हुआ था और अब वह जोड़ों के दर्द से परेशान हैं। वहीं, 45 प्रतिशत रोगियों को मांसपेशियों की दर्द की परेशानी है। उन्होंने बताया कि वायरस के कुछ ऐसे लक्षण हैं जो मरीज के कोरोना से ठीक होने के बाद भी शरीर को हानि पहुंचाते हैं। ये बेहद दर्दनाक होते हैं, जो पोस्ट कोविड यानी महामारी के उपचार के बाद भी रहते हैं।
डॉ. विशाल के मुताबिक, कोरोना की जंग जीतने के बाद भी इंसान खुद को थका हारा सा महसूस करता है। इसकी चपेट में आए व्यक्ति का शरीर अत्यधिक कमजोरी महसूस करता है। कई बार लोग स्वस्थ होने के कुछ समय बाद ही शारीरिक गतिविधियों को शुरू कर देते हैं। इससे भी उनको यह समस्या होती हैं। इसलिए जरूरी है कि संक्रमण से स्वस्थ होने के बाद पूरी तरह खुद का ध्यान रखा जाए।