नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने 12 साल पुराने सड़क हादसे में आरोपी कृष्ण कुमार गौतम को फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के उपयोग के लिए दोषी ठहराया है, जबकि लापरवाही से हुए हादसे के लिए उसे बरी कर दिया। यह मामला जून 2013 का है, जब आरोपी की कार और एक डीटीसी बस के बीच टक्कर हुई थी। पुलिस जांच में आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी पाया गया, जिसे उसने अपने नियोक्ता से अवैध तरीके से प्राप्त किया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेधा आर्या अदालत ने कहा, दुर्घटना के दौरान आरोपी की लापरवाही साबित नहीं हो सकी, क्योंकि गवाहों के बयान में विरोधाभास था और दुर्घटना की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं थीं। हालांकि, अदालत ने फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के उपयोग को गंभीर अपराध माना और आरोपी को आईपीसी की धारा 471 के तहत दोषी करार दिया। अदालत का कहना था कि फर्जी दस्तावेज का उपयोग करना उतना ही बड़ा अपराध है, जितना कि उसे बनाना। ब्यूरो