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Rajya Sabha Row: राघव चड्ढा बोले- मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं, मेरे फर्जी हस्ताक्षर वाला कागज दिखाएं

Thu, 10 Aug 2023 11:34 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

फर्जी हस्ताक्षर मामले में फंसे राघव चड्ढा और सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। 
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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा - फोटो : ट्विटर/@AamAadmiParty
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विस्तार
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फर्जी सिग्नेचर मामले पर आम आदमी पार्टी की ओर से गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। जिसे सांसद संजय सिंह और राघव चड्ढा ने संबोधित किया। पीसी के दौरान संजय सिंह ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि राघव चड्ढा के खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। उन्हें फंसाया जा रहा है। आप ने भाजपा पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। 

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पीसी के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा लागातार दुष्प्रचार कर रही है। इन्हें दर्द कि युवा नेता ने सवाल कैसे पूछा। कोई भी सांसद नाम प्रस्तावित कर सकता है। फर्जी दस्तखत की अफवाह फैलाई जा रही है। भाजपा नेता वो कागज दिखाएं, जिसमें फर्जी साइन हुए हैं। फर्जी दस्तखत की अफवाह फैलाई जा रही है। हस्ताक्षर की बात पूरी तरह से गलत है। मैंने कोई नियम नहीं तोड़ा है।

सांसदों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना आप सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली एनसीटी संशोधन विधेयक को सेलेक्ट समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव में उनके नाम का उल्लेख किया। सांसदों के आरोप पर आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे वह कागज लेकर आएं, जिस पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे।

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राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि मैं मीडिया से अनुरोध करता हूं कि वे सच्चाई दिखाएं। मीडिया का एक छोटा वर्ग मेरे खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा था और मुझे उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करानी होगी। मुझे उन सांसदों के खिलाफ भी कोर्ट और विशेषाधिकार समिति में शिकायत दर्ज करानी होगी जिन्होंने दावा किया था कि फर्जी हस्ताक्षर थे।

सांसदों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना आप सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली एनसीटी संशोधन विधेयक को सेलेक्ट समिति को भेजने के लिए प्रस्ताव में उनके नाम का उल्लेख किया। नियम पुस्तिका में कहा गया है कि कोई भी सांसद किसी भी समिति के गठन के लिए नाम प्रस्तावित कर सकता है और जिसका नाम प्रस्तावित किया गया है उसके न तो हस्ताक्षर की आवश्यकता है और न ही लिखित सहमति की। लेकिन झूठ फैलाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं।

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