नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ''डेटा से अंतर्दृष्टि तक: अनुसंधान अभ्यास और संभावनाओं पर विचार'' विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी हुई। इसका आयोजन जामिया के शिक्षक प्रशिक्षण और अनौपचारिक शिक्षा विभाग ने किया। संगोष्ठी में शैक्षिक अनुसंधान में मिश्रित विधियों की जटिलताओं और संभावनाओं पर चर्चा हुई। शोध कार्यों में मिश्रित पद्धति दृष्टिकोण अपनाने की वकालत की गई। साथ ही शोध कैसे व्यावहारिक और प्रभावशाली हो उसके महत्व पर वक्ताओं ने विचार रखा। संगोष्ठी में शामिल हुए डॉ. मुरारी झा ने शोधकर्ताओं से ऐसे शोध के लिए अनुरोध किया जिससे समाज को कुछ वापस मिल सके। संगोष्ठी जामिया कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी की देखरेख में आयोजित हुई। ब्यूरो