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296 वें जन्म दिवस पर सरदार जस्सा सिंह रामगढिया की वीरता को किया याद

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सरदार जस्सा सिंह रामगढिया की वीरता को किया याद
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नई दिल्ली। सरदार जस्सा सिंह रामगढिया और उनके साथ बाबा बघेल सिंह और बाबा जस्सा सिंह आहलूवालिया के नेतृत्व में फौज ने 11 मार्च 1783 को दिल्ली के किले पर विजय हासिल की थी और यह भारत की आजादी की पहली बड़ी जीत थी। यह बात सरदार जस्सा सिंह के 296 वें जन्म दिवस पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कही है। सिरसा ने कहा कि सिखों से पहले कभी किसी भारतीय दल ने दिल्ली के किले पर जीत दर्ज नहीं की थी। जिस जगह से सिख फौज लकड़ी के तने से दीवार तोड़ कर किले में दाखिल हुई, उस जगह को आज मोरी गेट कहा जाता है। उन्होंने पहली बार दिल्ली के किले पर निशान साहिब लहराया और बादशाह के तख्त दीवान-ए-आम पर कब्जा किया और तख्त-ए-ताऊस को अमृतसर ले गए और यह आज भी श्री दरबार साहिब कांप्लेक्स में बुंगा रामगढिया में पड़ा है। सरदार जस्सा सिंह रामगढिय़ा, बाबा बघेल सिंह और बाबा जस्सा सिंह आहलूवालिया की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने पर सिरसा ने खुशी जाहिर करते हुए कहा यह हमेशा प्रतिमाएं हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगी। नौजवानों को इन वीरों के जीवन से सीख लेकर सिखी के प्रति समर्पित होना चाहिए और अपना जीवन ऊंचा और शुद्ध बनाना चाहिए। ब्यूरो
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