-यूनियन का आरोप, कर्मचारियों ने इस व्यवस्था का विरोध भी किया
-इससे जान को रहता है खतरा, जानवरों की सेहत पर भी असर पड़ सकता
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में स्टाफ और प्रशिक्षण की कमी से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। चिड़ियाघर में शेर, बाघ और हाथी जैसे खतरनाक जानवरों की देखभाल ऐसे कर्मचारियों से कराई जा रही है, जिन्हें इसके लिए जरूरी ट्रेनिंग नहीं मिली है। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि इन जानवरों को संभालने के लिए विशेष प्रशिक्षण और अनुभव की जरूरत होती है, लेकिन मजबूरी में सामान्य काम करने वाले कर्मचारियों से यह जिम्मेदारी निभाई जा रही है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था का विरोध भी किया है, क्योंकि इससे उनकी जान को खतरा रहता है और जानवरों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, चिड़ियाघर में कुल 203 कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 106 कर्मचारी ही तैनात हैं। स्टाफ की कमी के कारण एक कर्मचारी को कई इलाकों की जिम्मेदारी दी जा रही है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही भर्ती और ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं की गई, तो जानवरों, कर्मचारियों और चिड़ियाघर में आने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।