अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट एक यूट्यूबर को न्यायिक अधिकारियों पर व्यक्तिगत हमले करने और न्यायिक प्रणाली की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले वीडियो के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंदर डुडेजा की पीठ ने कहा कि गुलशन पाहुजा के चैनल फाइट 4 ज्यूडिशियल रिफॉर्म्स पर मौजूद सामग्री संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में नहीं आती और उन्हें सजा के मुद्दे पर दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। पीठ ने फैसले में कहा कि असंतुष्ट वादी कभी-कभी अपनी कुंठा व्यक्त करने के लिए अपमानजनक टिप्पणियां कर सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है, लेकिन इस मामले में पाहुजा ने अपनी कुंठा को निष्पक्ष आलोचना के रूप में व्यक्त नहीं किया और उनका इरादा केवल न्यायिक अधिकारियों और न्यायपालिका की छवि को धूमिल करना और धूमिल करना था।