पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहरुख, सैफ और विनीत को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार शाम पुलिस को के ब्लॉक में चाकूबाजी की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि दो पक्षों में चाकूबाजी में तीन युवकों अरमान, मोंटी और फरदीन घायल हुए हैं। अरमान को मृत घोषित कर दिया गया।
फरदीन ने पुलिस को बताया कि दोपहर 2:15 वह बाइक से जा रहा था। उसने शाहरुख के घर के सामने खड़े लोगों को हटाने के लिए होर्न बजाया। जब वहां से कोई नहीं हटा तो वह बगल से जाने लगा। इस दौरान शाबिर के हाथ से बाइक छू गई। जिसको लेकर उसकी शाहरुख और शाबिर से कहासुनी हो गई। घर पहुंचने पर उसने अपने परिवार वालों को बताया। उसके भाई मोंटी और अरमान शाहरुख के पास विवाद सुलझाने पहुंचा। जहां मोंटी की शाहरुख से गाली गलौज हो गई। उसके बाद शाहरुख और शबीर ने अपने साथियों को बुला लिया और तीनों भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया।
पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद शाहरुख अपने भाई और दोस्तों के साथ मंगोलपुरी के ओ ब्लॉक पहुंचा। वहां वह मट्ठी नाम के युवक की तलाश कर रहा था, जिसने उसके दोस्त सैफ के भाई को पीटा था। मट्ठी के नहीं मिलने पर उन लोगों ने उसके दो दोस्तों अनुराग और रवि पर भी चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने शाहरुख, शाबिर सहित सभी आरोपियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं।
पुलिस ने अरमान के मामले में हत्या और अनुराग और रवि पर हमला के मामले में हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दो आरोपी सैफ और विनीत खुद को यह कहते हुए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती हो गया कि उन पर हमला किया गया है। पुलिस ने मामले में शाहरुख, सैफ और विनीत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बाकी फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
विसर्जन और गुलाल लगाने पर हुए विवाद में की गई हत्या: मृतक का पिता
मृतक अरमान के पिता हाकिम ने दावा किया है कि फरदीन और अरमान दोस्तों के साथ गणेश विसर्जन में शामिल हुए थे। इस दौरान दोस्तों ने फरदीन को गुलाल लगा दिया था। शाहरुख ने उन्हें मुसलमान होकर विसर्जन और गुलाल लगाने को लेकर कहासुनी की और फिर दोस्तों के साथ मिलकर उसके बेटे अरमान और अन्य लोगों पर चाकू से हमला कर दिया। जिसमें अरमान की मौत हो गई।
वर्चस्व को लेकर की गई हत्या: पुलिस
बाहरी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित वर्मा ने बताया कि अभी तक की जांच में पता चला है कि घटना दोनों परिवार के आपसी विवाद और वर्चस्व को लेकर हुई है। दोनों परिवार के बीच अकसर विवाद होता रहता था। दोनों परिवार इलाके में अपना दबदबा बनाना चाहते थे। इसमें कोई सांप्रदायिक पक्ष नहीं है।