उसके बाद वह पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए मोबाइल से वीडियो बनाने लगे। गुस्साए पुलिसकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। उसके बाद उन्हें बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया। उनके भाई दीप ने बताया कि डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताया। उनके हाथ टूट जाने की बात कहकर बड़े अस्पताल ले जाने के लिए कहा, लेकिन पुलिसकर्मी उन्हें थाने ले गए। यहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें फिर से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
झगड़े के दौरान पकड़कर लाया गया था थाने-पुलिस
उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार मीना ने बताया कि रविवार रात आदर्श नगर थाने की गश्त करते पुलिसकर्मियों को देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के पास कुछ लोग झगड़ा करते दिखे। उन्होंने बीच बचाव का प्रयास किया। न मानने पर आदर्श नगर थाने की ईआरवी को बुलाया। इसके बाद पुलिस ने तीन लोगों को पकड़ा। उन्हें तड़के चार बजे मेडिकल के लिए बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया। सूरज प्रकाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उसे कार्रवाई के लिए थाने लाया गया। जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की न्यायिक जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप, असलियत छुपा रही पुलिस
सूरज प्रकाश के परिवार वालों ने पुलिस अधिकारियों पर असलियत छुपाने का आरोप लगाया है। परिवार वालों ने थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। सूरज के भाई दीप का कहना है कि घटना को अंजाम देने वाले सभी पुलिसकर्मी नशे में धुत थे। उनलोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाने की मांग की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सभी कागजी कार्रवाई में लगे रहे।