अनूपशहर के बाईपास रोड स्थित एक अस्पताल में गुरुवार को गांव भोपतपुर निवासी युवक रामेश्वर की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। परिजनों ने गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। देर रात 12 बजे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। परिजनों के हंगामा करने की सूचना पर पहुंची ट्रेनी सीओ आयुषी सिंह ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत किया। परिजनों ने अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है।
संभल जनपद के थाना रजपुरा के गांव भोपतपुर निवासी राधेश्याम ने बताया कि 10 दिसंबर को उन्होंने अपने भाई रामेश्वर को अनूपशहर बाईपास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। 12 दिसंबर को चिकित्सकों ने उनके भाई का हर्निया और पथरी दोनों का ऑपरेशन किया।
20 दिसंबर तक डॉक्टर ने उन्हें अपने पास रखा। 21 दिसंबर को डॉक्टर ने उनके भाई को डिस्चार्ज कर घर वापस भेज दिया। घर जाने के दो से तीन दिन बाद उनके भाई को उल्टी होने लगी, जिसके बाद वह 26 दिसंबर को अपने भाई को अस्पताल ले आए। जहां डॉक्टर ने खाने वाली नली में इंफेक्शन बताया और बाहर जांच कराने के लिए कहा। इसके बाद वह अपने भाई को मेरठ ले गए और वहां जांच कराई।
27 दिसंबर को वह वापस अपने भाई को अनूपशहर स्थित उक्त प्राइवेट अस्पताल में ले आए। वहां चिकित्सक ने मरीज को भर्ती कर लिया। जहां उन्हें उल्टी होने लगी। जिसके बाद चिकित्सक ने रामेश्वर की गंभीर स्थिति को देखते हुए 28 दिसंबर को अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। जहां एक प्राइवेट अस्पताल में उनका इलाज कराया गया। 2 जनवरी की देर शाम करीब आठ बजे अलीगढ़ मे उपचार के दौरान उनके भाई की मौत हो गई। बृहस्पतिवार देर रात मृतक के परिजन शव को लेकर अनूपशहर बाईपास स्थित अस्पताल पहुंचे, जहां मृतक का हर्निया और पथरी का ऑपरेशन हुआ था। वहां परिजनों ने गलत ऑपरेशन करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।
ट्रेनी सीओ व कोतवाली प्रभारी आयुषी सिंह ने बताया कि मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों की ओर से चिकित्सक के खिलाफ तहरीर दी गई है। इस पूरे मामले की जांच के लिए सीएमओ बुलंदशहर को पत्र लिखा जा रहा है। सीएमओ की जांच के बाद अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।