अबूधाबी की एक कंपनी में काम करने वाला युवक दो माह से लापता है। वह अबूधाबी से भारत के लिए चला था, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार वालों का आरोप है कि युवक को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है और उसे छोड़ने के एवज में पैसे की मांग कर रहे हैं। ओड़िशा के रहने वाले युवक के परिवार वालों ने एक स्वयं सेवी संस्था से मदद ली है। उनकी मदद से उन्होंने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में शिकायत की है। एयरपोर्ट थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों की पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है। लापता युवक की पहचान रंजन के रूप में हुई है।
वह परिवार के साथ गांव बेलापाड़ा खोर्धा ओड़िशा में रहते हैं। वह पिछले तीन साल से अबूधाबी की एक कंपनी में काम करते थे। 18 अगस्त को उन्हें भारत आना था। वहां से रवाना होने से पहले रंजन ने अपनी बहन से बात की थी। उन्होंने टिकट सहित यात्रा से जुड़ी सारी जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार वाले चार दिनों तक रंजन से बात करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो पाई। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वालों ने एक स्वयंसेवी संस्था से संपर्क कर मदद मांगी।
संस्था के लोगों ने कंपनी से संपर्क किया। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि रंजन अपने एक दोस्त के साथ विस्तारा एयरलाइंस के विमान से भारत के लिए रवाना हुए थे। उसके बाद संस्था ने संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। पता चला कि रंजन 18 अगस्त को भारत के लिए रवाना हुए थे। परिवार वालों का कहना है कि कुछ लोग रंजन को अगवा करने की बात कहकर उनसे पैसे की मांग कर रहे हैं। आशंका है कि दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद रंजन को अगवा किया गया है। इसको लेकर संस्था के लोगों ने आईजीआई एयरपोर्ट थाने में इसकी शिकायत की।