महिंद्रा एन्क्लेव निवासी उमाकांत का कहना है कि वह वाणिज्यकर विभाग की वेंडर कंपनी एसएंड टीपीएल में नौकरी करता है। यह कंपनी मालवाहक वाहनों पर वाणिज्यकर विभाग का टैग लगाने का काम करती है। सात जून की सुबह करीब 8:30 बजे उसके पास कॉल आई और वह विवेकानंद नगर में एक वाहन पर टैग लगाने चला गया। वह काम कर ही रहा था कि एक फॉर्च्यूनर कार आकर रुकी। उसमें सवार युवकों ने उसे बुलाया तो वह उनके पास चला गया। पास जाने पर युवकों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में डाल लिया और कनपटी पर तमंचा सटा दिया। शोर मचाने पर उन्होंने गोली मार देने की धमकी दी।
उमाकांत का कहना है कि कार में सवार तीन युवकों राकेश, हेमंत और विकास धामा को वह पहचानता है। कार में सवार युवक कई घंटे तक उसकी पिटाई करते रहे। वह डर गया, लेकिन शोर नहीं मचा सका। उसने पूछा कि उसकी गलती क्या है तो आरोपियों ने कहा कि इस क्षेत्र में टैग लगाने का काम वह करते हैं और आज के बाद इस क्षेत्र में टैग लगाते नजर आया तो हत्या कर देंगे। जान बख्शने की मिन्नतें करने पर कार सवार युवक करीब पांच घंटे बाद हाईवे पर उसे छोड़कर फरार हो गए और पुलिस से शिकायत नहीं करने की चेतावनी भी दी।
घर वालों को लाश भी नहीं मिलेगी
उमाकांत का कहना है कि वह कार सवार युवकों से बार-बार पूछ रहा था कि उसकी गलती क्या है। वह बार-बार यही कह रहे थे कि अगर अगली बार वाहनों पर टैग लगाता नजर आया तो जिंदा नहीं बचेगा। घरवालों को लाश भी नहीं मिलेगी। लाश को पेट्रोल डालकर फूंक देंगे।
उमाकांत की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कार नंबर के आधार पर आरोपियों को ट्रेस कर उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। -अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी, कविनगर