दिल्ली सरकार की ओर से शुरु की गई दिल्ली की योगशाला आज (एक नवंबर) से बंद हो जाएंगी। ऐसे आरोप लग रहे हैं कि दिल्ली फॉर्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (डीपीएसआरयू) की बोर्ड ऑफ गवर्नेंस से दिल्ली की योगशाला प्रोग्राम को एक्सटेंशन मिलने के बावजूद उपराज्यपाल ने इसे आगे जारी रखने की अनुमति नहीं दी है। इस तरह से दिल्ली में जगह-जगह पार्कों में प्रतिदिन लगने वाली योग की 590 कक्षाएं अब नहीं लगेंगी।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक ट्वीट कर कहा कि यूनिवर्सिटी का बोर्ड चाहता है कि दिल्ली के आम लोगों के लिए योगशाला चले। सरकार ने बजट भी दे रखा है, लेकिन फिर भी अफसरों को डरा-धमका कर दिल्ली की योगशाला बंद करने का आदेश जारी करा दिया गया है। बताया जा रहा है कि दिल्ली फॉर्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी की शनिवार को हुई बोर्ड ऑफ गवर्नेस की 29वीं बैठक में दिल्ली की योगशाला को जारी रखने के लिए इसके एक्सटेंशन को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि योगशाला कार्यक्रम बंद नहीं होगा और उपराज्यपाल से मंजूरी मिल जाएगी।
वहीं, दिल्ली की योगशाला ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर जानकारी दी गई है कि दिल्ली की योगशाला की कक्षाएं एक नवंबर से सरकारी आदेश के अनुसार बंद की जा रही हैं। डीपीएसआरयू की गवर्निंग बोर्ड की मीटिंग में इसे जारी रखने का निर्णय ले लिया गया, लेकिन अभी तक इसे एलजी की अनुमति नहीं मिली है। भविष्य में जैसे ही कोई सूचना आती है तो सूचित किया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने एलजी से की थी अनुमति देने की अपील
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 28 अक्तूबर दिल्ली की योगशाला कार्यक्रम को जारी रखने को लेकर उपराज्यपाल से मुलाकात की थी। उनसे अनुरोध किया गया था कि योग कर रहे 17 हजार लोगों में से अधिकतर पोस्ट कोविड से प्रभावित हैं। उनको स्वस्थ रखना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए इसे न रोका जाए। सरकार ने बीते साल दिल्ली की योगशाला कार्यक्रम की शुरूआत की थी। इस कार्यक्रम के तहत दिल्लीवासियों को नि:शुल्क योग कराया जाता है।
नहीं मिली फाइल
एलजी सचिवालय के सूत्रों ने कहा कि एलजी कार्यालय को अभी तक योग कार्यक्रम को 31 अक्टूबर से आगे बढ़ाने की अनुमति संबंधी कोई फाइल नहीं मिली है। इसलिए यह कहना गलत है कि एलजी ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी गई इसलिए बंद किया जा रहा है।