नई दिल्ली। वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल में विश्व एनेस्थीसिया दिवस के अवसर पर मरीजों और उनके तीमारदारों के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इसमें करीब 300 लोगों ने हिस्सा लिया। अस्पताल के एनेस्थीसिया और इंटेंसिव केयर विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम का विषय ‘सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और उसके बाद’ रहा। कार्यक्रम में एनेस्थीसिया से पहले स्वास्थ्य जांच, सीपीआर, गहन चिकित्सा देखभाल और दर्द प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि एनेस्थीसिया की भूमिका केवल सर्जरी के दौरान मरीज को बेहोश करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्जरी से पहले जांच और बाद में देखभाल में भी उनकी अहम भूमिका होती है। अभियान के जरिए सर्जरी को सुरक्षित बनाने में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के योगदान के प्रति जागरूक किया गया। यह कार्यक्रम अस्पताल की निदेशक डॉ. कविता शर्मा के नेतृत्व और चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) डॉ. चारू बंबा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। एनेस्थीसिया और इंटेंसिव केयर विभाग की प्रमुख डॉ. अमिता गुप्ता ने विभाग की ओर से इस पहल का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में डीन डॉ. वंदना तलवार और पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. सुजाता चौधरी भी शामिल हुईं। ब्यूरो