बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में रफ्तार रोक दी। जलभराव से जगह-जगह सड़कों पर वाहन रेंगते रहे और लोग घंटों जाम में फंसे रहे। भारी बारिश के बीच जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बादल फटने से आठ घर बह गए हैं।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में बचाव अभियान बाधित हुआ है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में अगले पांच दिन भारी बारिश की संभावना जताई है, जबकि उत्तर पश्चिम, मध्य व पूर्वी भारत में 3-4 दिनों तक वर्षा होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने पहले दिल्ली-एनसीआर में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया था। बुधवार शाम मूसलाधार बारिश से मध्य, उत्तर और पूर्वी दिल्ली में कई स्थानों पर पानी भर गया। इससे न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री नीचे 26.4 डिग्री से. पर आ गया, लेकिन जगह-जगह ट्रैफिक जाम से लोगों के पसीने छूट गए। गाजियाबाद-नोएडा में लोगों को कई जगह भीषण जाम का सामना करना पड़ा।
जम्मू के कठुआ के डूंगा गांव में बादल फटने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, पर राजोरी के ख्वास के गुंदा गांव में कच्चा मकान गिरने से महिला की मौत हो गई। धुंध के कारण श्रीमाता वैष्णो देवी यात्रियों के लिए कटड़ा-सांझीछत हेलिकॉप्टर सेवा बाधित रही।
हिमाचल में सड़कें धंसी
भारी बारिश से कई जगह सड़कें धंस गई हैं। रामपुर के समेज गांव में बादल फटने से लापता लोगों की तलाश के लिए चल रहे अभियान में बाधा आई। तीन जिलों में बादल फटने की घटना में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है और 40 से अधिक लोग लापता हैं।
गौरीकुंड : 305 लोगों को निकाला मंदाकिनी में बहीं तीन पुलिया
उत्तराखंड में गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अतिवृष्टि के सातवें दिन बुधवार को गौरीकुंड से 305 लोगों को सुरक्षित निकाल कर सोनप्रयाग पहुंचाया गया। हालांकि, खराब मौसम के कारण केदारनाथ से किसी को नीचे नहीं भेजा गया। वहीं, मंदाकिनी के तेज वेग से सेना द्वारा बनाई गई तीन पुलिया बह गईं। अभी तक 12,827 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।