फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Water Crisis: AAP ने हरियाणा के CM को लिखा पत्र, कहा- पानी की मात्रा नहीं बढ़ाई तो जल संकट और गहरा जाएगा

Sun, 09 Jun 2024 02:57 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आतिशी ने हरियाणा सीएम से दिल्ली में अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है। आप मंत्री ने कहा कि दिल्ली में सात वाटर ट्रीटमेंट प्लांट मुनक के पानी पर निर्भर हैं। अगर आज पानी की मात्रा नहीं बढ़ी तो अगले कुछ दिनों में दिल्ली में जल संकट और गहरा जाएगा।
विज्ञापन
आतिशी - फोटो : x/@AtishiAAP
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जल मंत्री आतिशी ने हरियाणा से पानी कम मिलने और हरियाणा सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार दिल्ली को पानी कम दे रही है। साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से लिखे जा रहे पत्रों का जवाब नहीं दे रही है। उन्होंने इन दोनों मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। 

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि दिल्ली के सात जल शोधक संयंत्र यमुना के पानी पर निर्भर हैं। कच्चे पानी की कमी के कारण ये संयंत्र अपनी पूरी क्षमता पर चलने में असमर्थ हैं। इस बारे में कई बार अवगत कराने के बावजूद हरियाणा ने पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा है। इस ओर जल्द ध्यान नहीं देने से अगले एक-दो दिन में दिल्ली में बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल मूनक नहर से दिल्ली के लिए 1050 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना सुनिश्चित किया जाए।

यमुना के पानी पर निर्भर है दिल्ली
सैनी को लिखे पत्र में आतिशी ने कहा कि दिल्ली अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यमुना के पानी पर निर्भर है, जबकि पिछले कुछ दिन से हरियाणा की ओर से मूनक नहर में पर्याप्त पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इस कारण दिल्ली के लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि मई 2018 में ऊपरी यमुना नदी बोर्ड की 53वीं बैठक में समझौते के अनुसार मूनक नहर में दिल्ली को लगभग 1050 क्यूसेक (568 एमजीडी) आवंटित किया गया था। हालांकि पानी के रिसाव के कारण मूनक नहर से 1050 क्यूसेक के बजाय लगभग 1013 क्यूसेक (548 एमजीडी) दिल्ली पहुंचता है और गर्मियों में भी औसतन 980 से 1030 क्यूसेक के बीच पानी प्राप्त होता है। मगर पिछले एक सप्ताह में इसमें भारी कमी देखी गई है। कई दिनों से 850 क्यूसेक से भी कम पानी प्राप्त हो रहा है।
विज्ञापन


इससे पहले शनिवार को जल मंत्री आतिशी बवाना स्थित मुनक नहर की दो उप नहरों का दौरा करने पहुंचीं। यहां निरीक्षण के दौरान जल मंत्री आतिशी ने पाया कि पिछले सात दिनों से लगातार हरियाणा कम मात्रा में पानी भेज रहा है। मुनक नहर से दिल्ली को 1050 क्यूसेक पानी मिलता है, लेकिन अभी यह कम होकर 840 क्यूसेक तक रह गया है। 

निरीक्षण के बाद प्रेस वार्ता कर आतिशी ने कहा कि मुनक नहर से केवल 840 क्यूसेक पानी मिल रहा है जबकि 1050 क्यूसेक पानी मिलना चाहिए। मुनक नहर से अगर दिल्ली को उसके हिस्से का पानी कम मिलेगा तो इसका असर दिल्ली के सातों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर पड़ेगा। ऐसा होने पर शहर में अगले कुछ दिनों में पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में दिल्ली के लोगों को परेशान करने के लिए हरियाणा सरकार राजनीति करना बंद करे और दिल्ली को उसके हिस्से का पानी दे। दिल्ली घरेलू उपयोग के पानी के लिए पूरी तरह यमुना पर निर्भर है। दिल्ली के सात वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से दिल्ली के घरों में पानी पहुंचता है। इन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी वजीराबाद बैराज और मुनक नहर की दो उप नहरों सीएलसी और डीएसबी से आता है। इन दोनों उप नहरों से दिल्ली के सातों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी जाता है।

आतिशी ने कहा कि हरियाणा और दिल्ली के समझौते के अनुसार हरियाणा को रोज़ाना 1050 क्यूसेक पानी मुनक नहर के ज़रिये दिल्ली के लिए छोड़ना होता है और पिछले 5 साल के डेटा के अनुसार गर्मी के मौसम में गर्मी के कारण इसमें से 1040 से 990 क्यूसेक पानी दिल्ली तक पहुंचता है जिसे दिल्ली में बवाना कांटैक्ट पॉइंट पर फ्लो मीटर से मापा जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें