सिविल सर्विस की तैयारी कराने वाले राव आईएएस स्टडी सेंटर के बेसमेंट की लाइब्रेरी में पानी भरने से दो छात्राओं व एक छात्र की मौत हो गई। मूसलाधार बारिश के चलते मुख्य रोड पर पानी भर गया और तल नीचे होने से ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित सेंटर के बेसमेंट में भरने लगा। पढ़ाई कर रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राएं जान बचाने के लिए सीढ़ी के रास्ते भागने लगे। इस दौरान चार-पांच छात्र-छात्राएं फंस गए। इनमें से तीन की मौत हो गई। एक छात्रा की पहचान तेलंगाना की तान्या के रूप में हुई है।
दोषियों पर हो कड़ी कार्रवाई
घटना को लेकर एक छात्र ने कहा कि एमसीडी का कहना है कि यह आपदा है, लेकिन मैं कहूंगा कि यह पूरी तरह से लापरवाही है। आधे घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। आपदा कभी-कभी होती है। मेरे मकान मालिक ने कहा कि वह पिछले 10-12 दिनों से पार्षद से कह रहा था कि नाले की सफाई होनी चाहिए।
पहली मांग यह है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। तत्काल मांग यह है कि घायलों और मौतों की वास्तविक संख्या बताई जाए। आपदा प्रबंधन के लोगों ने मुझे बताया कि 8-10 लोग मारे गए हैं। यह दावा एक छात्र ने किया जो कल रात एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भरने और तीन छात्रों की जान जाने के बाद एमसीडी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था।
यहां सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं
एक यूपीएससी अभ्यर्थी ने कहा कि हमारी मांग है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यहां बेसमेंट में खोली गई ये सारी चीजें अवैध रूप से संचालित की जा रही हैं और सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हैं। इसलिए इन सब चीजों को बंद किया जाना चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए।
ओल्ड राजेंद्र नगर में हुई घटना पर दिल्ली पुलिस ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि खोज और बचाव अभियान खत्म हो चुका है। तीन शव बरामद किए गए हैं। उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे पर एडिशनल डीसीपी सचिन शर्मा ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कहा कि तीन लोगों की मौत हो गई है। हम कुछ भी क्यों छिपाएंगे? हम आपको आश्वासन देते हैं कि हम कानूनी रूप से जो भी संभव होगा। वो करेंगे। जांच जारी है। कल एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान चली गई।
बेसमेंट में बंद हों सारी लाइब्रेरी
यूपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यार्थी अमन शुक्ला ने कहा कि हमारी मांग है कि सबसे पहले, बेसमेंट में अवैध रूप से बनी ये सारी लाइब्रेरी बंद होनी चाहिए। एमसीडी को देखना चाहिए कि समस्या कहां है, यह पहली बार नहीं है जब यहां पानी भरा है। पिछली बार जब बारिश हुई थी, तो कारें पानी में तैर रही थीं। एक साल में उन्होंने कुछ नहीं किया। अभी तक कोई वरिष्ठ अधिकारी यहां नहीं आया है।
ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के बाद छात्रों ने दिल्ली सरकार, एमसीडी और उस कोचिंग संस्थान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जहां बीते शनिवार रात को संस्थान के बेसमेंट में पानी भर जाने से तीन छात्रों की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शाम करीब 6:30 बजे हुए हादसे के वक्त बेसमेंट में करीब 35 छात्र-छात्राएं थे। सेंटर प्रबंधन ने शुरुआत में खुद ही बचाव के प्रयास किए, मगर पानी तेजी से भरने लगा तो पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी गई। करीब सात बजे बचाव दल पहुंच गया। अंधेरा होने के चलते बचाव कार्य में खासी परेशनी हुई। हालात बिगड़ने पर एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई। पंप के सहारे पानी निकालने के साथ एनडीआरएफ के गोताखोरों ने तलाश शुरू की, तो तीन शव मिले। देर रात तक दमकल की सात गाड़ियां पानी निकालने में लगी हुई थीं। घटनास्थल के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई है और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों के एक समूह ने एमसीडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
हादसे के लिए भाजपा दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। भाजपा का कहना है कि यह साफ तौर पर नालों की सफाई न होने के कारण हुई दुर्घटना है और नाले का पानी कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में बहुत तेजी घुसा। इस दुर्घटना के लिए दिल्ली सरकार की आपराधिक लापरवाही जिम्मेदार है। जल बोर्ड मंत्री आतिशी और स्थानीय विधायक दुर्गेश पाठक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।