राजधानी में मतदाताओं की संख्या में इजाफा होने के बावजूद देश का अतिविशिष्ट नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र इससे दूर है। इस क्षेत्र में लगातार मतदाताओं की संख्या में कमी हो रही है। पांच वर्ष पहले की तुलना में इस क्षेत्र में 8.5 प्रतिशत मतदाता कम हो गए हैं, जबकि अन्य छह लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में मतदाता बढ़े हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान राजधानी 1,43,27,458 मतदाता थे, जबकि दिल्ली चुनाव कार्यालय की ओर से हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्तमान समय में 1,47,18,119 मतदाता हैं। इस तरह गत पांच वर्ष के दौरान राजधानी में 3,90,661 (2.65 प्रतिशत) मतदाता बढ़े हैं, लेकिन इन पांच वर्षों के दौरान नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में 1,36,132 (8.5 प्रतिशत) मतदाता कम हो गए। इस क्षेत्र में पांच साल पहले 16,17,470 मतदाता थे। अब 14,81,338 मतदाता हैं। इतना ही नहीं एक वर्ष के दौरान इस क्षेत्र में 44273 (तीन प्रतिशत) मतदाता कम हुए हैं। गत वर्ष इस क्षेत्र में 15,25,611 मतदाता थे।
दक्षिण दिल्ली क्षेत्र में सबसे अधिक 7.4% मतदाता बढ़े
दक्षिण दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस क्षेत्र में पांच साल पहले 20,67,463 मतदाता थे। अब 1,53,982 (7.4 प्रतिशत) बढ़कर 22,21,445 मतदाता हो गए हैं। मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी के मामले में पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र दूसरे स्थान पर है। यहां पांच वर्षों के दौरान 1,17,270 (4.9 प्रतिशत) मतदाता बढ़े हैं। वर्तमान में 24,88,831 मतदाता हैं और पांच साल पहले 23,71,1561 मतदाता थे। इसके बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में बढ़ोतरी हुई।
इस क्षेत्र में पांच साल पहले 22,90,492 मतदाता थे, जबकि अब 23,81,442 मतदाता हैं। लिहाजा, इस क्षेत्र में 90,950 (चार प्रतिशत) मतदाता बढ़ गए हैं। उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में 93,926 (3.9 प्रतिशत) मतदाता बढ़े हैं। इस क्षेत्र में अब 2,47,2910 मतदाता हैं, जबकि पांच साल पहले 23,78,984 मतदाता थे। चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में पांच साल पहले 15,62,268 मतदाता थे जो अब 16,09,730 हो गए हं। इस तरह इस क्षेत्र में 47,462 (तीन प्रतिशत) मतदाता बढ़ गए हैं। पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में सबसे कम मतदाता बढ़े हैं। इस क्षेत्र में 23,203 (एक प्रतिशत) मतदाता बढ़े। पांच साल पहले यहां 20,39,220 मतदाता थे जो अब 20,62,423 हो गए हैं।
सबसे अधिक व कम मतदाता के मामले में क्षेत्र बदले
राजधानी के सातों लोकसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या अधिक व कम होने के मामले में पांच वर्षों के दौरान क्षेत्रों की स्थिति बदल गई है। नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र सबसे कम मतदाता वाला क्षेत्र बन गया है, जबकि पांच साल पहले चांदनी चौक में सबसे कम मतदाता थे। पांच साल पहले चांदनी चौक क्षेत्र में नई दिल्ली क्षेत्र से 55202 मतदाता कम थे, जबकि अब नई दिल्ली क्षेत्र में उससे 128392 मतदाता कम हैं। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र सबसे अधिक मतदाता वाला क्षेत्र हो गया है। पांच साल इस मामले में उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र था। पश्चिम दिल्ली क्षेत्र में उससे 15921 मतदाता अधिक हो गए हैं, जबकि पांच साल पहले उत्तर पश्चिम दिल्ली क्षेत्र में उससे 7423 मतदाता ज्यादा थे।