करें कोविड नियमों का पालन
फ्लू के मामले कोरोना की तरह ही फैल रहे हैं। ऐसे में इससे बचाव के लिए सख्ती से कोविड नियमों का पालन करना चाहिए। जिन्हें खांसी की शिकायत हैं, उन्हें मास्क अनिवार्य रूप से पहनना चाहिए। इसके अलावा बुखार आने पर खुद को आइसोलेट भी करना चाहिए जिससे दूसरों तक बीमारी न फैले।
खुद न लें दवा
डॉ. प्रताप का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक खांसी हैं तो खुद से दवा न लें। कई बार लोग काढ़ा या अन्य गर्म तासीर वाली वस्तु का सेवन करते हैं जो नुकसान पहुंचा सकता है। अभी मौसम गर्म हैं, ऐसे में शरीर में किसी भी तरह से पानी की कमी नहीं होनी चाहिए। यदि खांसी और बुखार थम नहीं रहा तो डॉक्टर मरीज की हालत को देखते हुए स्टेरॉयड युक्त हेवी दवाओं को दे सकते हैं, जिससे खांसी ठीक हो सकती है।
दूसरी बीमारियों का खतरा
डॉक्टरों का कहना है कि यदि खांसी एक माह से अधिक समय तक हैं तो बड़े अस्पताल में जाकर पूरी जांच करवानी चाहिए। कई बार खांसी दूसरी बीमारी का रूप भी ले सकती है जिसे हम सामान्य खांसी मानते हैं। यह एक व्यक्ति से दूसरे को भी फैल सकती है। ऐसे में संक्रमित लोगों को जांच करवा उचित उपचार करवाना चाहिए।
अस्पतालों में बढ़े कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीज
दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कुल कोरोना मरीजों में से 12 फीसदी से अधिक मरीज काफी गंभीर हैं, जिन्हें आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर भर्ती किया गया है। वहीं, एक तिहाई मरीज आईसीयू में हैं।
दिल्ली सरकार के कोरोना एप के अनुसार बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तक 390 गंभीर मरीज हैं। इनमें से 373 ऑक्सीजन सपोर्ट पर, 126 आईसीयू में और 47 आईसीयू के साथ वेंटिलेटर पर हैं। डॉक्टरों की माने तो दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कोरोना के गंभीर मरीज अन्य बीमारी से भी पीड़ित हैं। इनमें से ज्यादातर मरीज पहले अन्य बीमारियों का इलाज करवा रहे थे, बाद में कोरोना संक्रमण से उनकी समस्या और विकराल हो गई।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक एक अप्रैल से 19 अप्रैल तक 49 मरीजों ने कोरोना के कारण दम तोड़ दिया है। इसमें से अधिकतर मरीज की मौत का कारण सीधे कोरोना नहीं था। हार्ट, लंग्स, लीवर, किडनी, डायलिसिस व अन्य के मरीज थे।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर प्रताप के मुताबिक कोरोना वायरस भी रूप बदल रहा हैं, जिस कारण ये कोरोना के खिलाफ बने इम्युनिटी को भी तोड़कर संक्रमित कर रहा हैं। हालांकि, इससे सभी को डरने की जरूरत नहीं हैं। जो लोग गंभीर हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत हैं।
दिल्ली के कोरोना एप के अनुसार दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में सबसे ज्यादा 13 गंभीर मरीज मरीज भर्ती हैं। इसके अलावा डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में तीन, सफदरजंग अस्पताल में छह, लेडी हार्डिंग में दो व अन्य अस्पतालों में गंभीर मरीज भर्ती हैं। दिल्ली में अभी 47 गंभीर मरीज भर्ती हैं।