बुलंदशहर के औरंगाबाद क्षेत्र के गांव विसुधरा में तेंदुआ द्वारा दो जानवरों को अपना निवाला बनाने के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया, लेकिन अभी तक कामयाबी नहीं मिल सकी है। वहीं, इस पिंजरे से मुर्गा निकालने के प्रयास में एक ग्रामीण इसमें फंस गया। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गांव विसुंधरा में पिछले दिनों तेंदुआ ने छुट्टा गोवंश के साथ पालतू कुत्ते को अपना निवाला बना लिया था। इस घटना से ग्रामीण सहमे हुए हैं। डीएफओ के निर्देश पर वन रेंजर तेजबहादुर सिंह की अगुवाई में गांव में तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा और जाल पिछले तीन दिनों से लगा रखा है। वन कर्मियो ने नया तरीका अपनाते हुए पिंजरे में मुर्गे को छोड़ दिया, ताकि तेंदुआ इसे अपना निवाला बना ले और फिर तेंदुआ पिंजरे में कैद हो जाए। बताया गया कि शाम को वन टीम खाना खाने के लिए गई थी। इस दौरान गांव का ही एक ग्रामीण पिंजरे के पास जा पहुंचा।
जैसे ही ग्रामीण ने पिंजरे से मुर्गा निकालने की कोशिश की तो वह खुद पिंजरे के अंदर कैद हो गया। गुजर रहे ग्रामीणों ने देखा कि एक व्यक्ति पिंजरे में फंसा हुआ है। पास जाकर देखा तो उसकी गांव निवासी के रूप में उसकी पहचान हुई। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना पर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और उक्त ग्रामीण को पिंजरे से बाहर निकाला। इस दौरान ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
तेंदुआ को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा और जाल लगा रखा है। मुर्गे को निकालने के प्रयास में एक ग्रामीण पिंजरे में कैद हो गया। पांच वनकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं। अभी तक तेंदुआ को न तो देखा गया है और न ही वह पिंजरे तक पहुंचा है।
विनीता सिंह, डीएफओ