नई दिल्ली। भारतीय हथकरघा क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट आकलन पर आधारित रिपोर्ट का केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने विमोचन किया। आईआईटी दिल्ली के वस्त्र एवं रेशा इंजीनियरिंग विभाग और वस्त्र मंत्रालय के हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय ने संयुक्त रूप से रिपोर्ट को तैयार किया है। इस मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि वास्तविक प्रगति के लिए कपड़ा उत्पादन के प्रत्येक चरण में कार्बन प्रभाव को मापना आवश्यक है। प्रत्येक चरण पर आंकड़ों का परिमाणीकरण किए बिना सुधार के क्षेत्रों की पहचान करना या कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन करना असंभव है। हथकरघा क्षेत्र में 35 लाख से अधिक लोग शामिल हैं जिनमें 25 लाख से अधिक महिला बुनकर और संबद्ध श्रमिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक दस्तावेज हथकरघा उद्योग के कार्बन फुटप्रिंट को मापने और कम करने के लिए स्पष्ट, व्यावहारिक तरीके प्रदान करके पर्यावरण के प्रति जागरूक हथकरघा उत्पादन और सतत विकास के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। ब्यूरो