डीसीपी रवि कुमार सिंह के अनुसार, 22 सितंबर को पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी कि उसके जीजा ने उसकी बेटी का अहरण कर लिया है। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि पीड़ित की बहन की शादी आरोपी से हुई है। दोनों के बीच अकसर झगड़ा होता रहता है। ऐसे में पत्नी अपने भाई के यहां रहने आ गई थी।
इस बात की जानकारी मिलने पर आरोपी ने अपने साले को फोन अपनी पत्नी को वापस भेजने के लिए कहा। साथ ही धमकी दी कि पत्नी को नहीं भेजने पर वह उसकी बेटी को अगवा कर लेगा। परिवार वालों को लगा कि वह मजाक कर रहा है। लेकिन बेटी के गायब होने के बाद पीड़ित ने आरोपी से फोन पर बात की।
आरोपी ने अगवा करने की बात मानी। पुलिस ने आरोपी के फोन नंबर की लोकेशन के बारे में पता किया। जिससे उसका लोकेशन सीतापुर यूपी में आई। पुलिस परिवार के साथ वहां पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
शव को तालाब के पास झाड़ियों में फेंका...
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करता था। वह अपनी पत्नी को यूपी में गांव वापस जाने के के लिए कह रहा था। लेकिन उसकी पत्नी जाना नहीं चाहती थी क्योंकि वह और उसकी बेटी नरेला में एक फैक्टरी में काम कर रही थीं, जिससे उनकी जरूरतें मुश्किल से पूरी हो रही थीं। उनके पास गांव में कोई रोजगार के अवसर नहीं थे।
आरोपी आदतन शराबी है और हमेशा शराब के नशे में रहता है। घटना वाले दिन आरोपी का पत्नी के साथ झगड़ा हुआ। इसके बाद आरोपी ने बच्ची का अपहरण कर दुष्कर्म किया। उसके बाद हत्या कर शव को टिकरी गांव के खुले तालाब के पास झाड़ियों के पास फेंक दिया था।