फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi: तमिलनाडु से हवाई जहाज में सवार होकर चोरी करने आते थे दिल्ली, मोबाइल-लैपटॉप को श्रीलंका में लगाते ठिकाने

Tue, 30 Apr 2024 01:30 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आरोपियों ने बताया कि वह ट्रेन या हवाई जहाज में सवार होकर दिल्ली-एनसीआर में चोरी या लूटपाट करने आते हैं। माल इकट्ठा होने पर आरोपी इसी तरह वापस लौट जाते हैं। पुलिस से बचने के लिए आरोपी इन मोबाइल व लैपटॉप को श्रीलंका में अपने गिरोह के जरिये भेज देते हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस ने एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो दिल्ली-एनसीआर से मोबाइल फोन और लैपटॉप चोरी कर उनको श्रीलंका में ठिकाने लगाता था। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी हवाई जहाज में सवार होकर दिल्ली आते थे। पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान तमिलनाडु निवासी रामाचंद्रन (31) और श्रीनिवासन मरियप्पन (38) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह लैपटॉप और 72 महंगे फोन बरामद किए हैं। फिलहाल इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली-नोएडा के करीब 13 मामले सुलझे हैं।

विज्ञापन


दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाने में तैनात एसआई योगिंदर को सूचना मिली थी कि चोरी करने वाला तमिलनाडु का अंतरराज्जीय गिरोह बाबा ढाबा, संजय कालोनी फेज-2 में आने वाला है। एसआई ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी। फौरन थाना प्रभारी सुखबीर मलिक व अन्यों की टीम का गठन किया गया। टीम ने बाबा ढाबा के पास ट्रैप लगा दिया। इस बीच दोनों आरोपी वहां अपने जानकार से मिलने पहुंचे। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। इनके पास से छह लैपटॉप और 72 मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि यह सभी चोरी के हैं।

आरोपियों ने बताया कि वह ट्रेन या हवाई जहाज में सवार होकर दिल्ली-एनसीआर में चोरी या लूटपाट करने आते हैं। माल इकट्ठा होने पर आरोपी इसी तरह वापस लौट जाते हैं। पुलिस से बचने के लिए आरोपी इन मोबाइल व लैपटॉप को श्रीलंका में अपने गिरोह के जरिये भेज देते हैं। वहां इसके बदले अच्छी कीमत मिलती है। आरोपी रामाचंद्रन के खिलाफ पहले भी इस तरह के मामले दर्ज हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों ने अब तक कितने मोबाइल ठिकाने लगाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें