उत्तरी जिला पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट बवाल मामले में दो और गिरफ्तार की हैं। पुलिस ने दिल्ली बार एसोसिएशन(डीबीए) के उपाध्यक्ष मनीष शर्मा और डीबीए के सचिव अतुल शर्मा के भाई ललित शर्मा को गिरफ्तार किया है। उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सागर सिंह कलसी ने बताया कि बाकी आरोपियो को पकडने के लिए पुलिस टीमें दिल्ली-एनसीआर में दबिश दे रही है।
तीस हजारी कोर्ट फायरिंग मामले में दिल्ली पुलिस तीन आरोपी वकील अमन सिंह, सचिन सागवान और रवि गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनके पास से पुलिस ने तीन कंट्री मेड पिस्टल,चार जिंदा कारतूस और दो कार बरामद की गई थी। उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इनसे पूछताछ के बाद बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है।
सब्जी मंडी थाना पुलिस ने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से कुछ आरोपियों की पहचान की है। इन आरोपियों को पकडऩे के लिए दबिश दी जा रही है। तीस हजारी कोर्ट में फायरिंग मामले में पुलिस ने सेंट्रल डिस्टिक कोर्ट के ब्रांच इंचार्ज सुनील कुमार की शिकायत पर धारा 147/148/149/307 34- 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट परिसर में फायरिंग व पथराव की कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
बंदर भगाने वाली टॉय गन थी
फायरिंग के बाद बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीष शर्मा ने यह सफाई दी थी की उन्होंने किसी तरह की कोई फायरिंग नहीं की है। उनके पास बंदर भगाने वाली टॉय गन थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बार एसोसिएशन के सचिव अतुल शर्मा ने उनके साथ पहले फोन गाली गलौज किया। जब वह 5 तारीख कोर्ट पहुंचे तो प्रधान जी ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया बात करके जब नीचे उतरे तो फिर अतुल शर्मा और उनके साथियों ने झगड़ा शुरू कर दिया और गोली उन लोगों ने चलाई है। बार के इश्यू को लेकर विवाद चल रहा था।