अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में हुए कार बम विस्फोट मामले में जांच को तेज करते हुए दो आरोपितों तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहंगर को 10 दिन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हिरासत में भेज दिया है। विशेष एनआईए न्यायाधीश एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीताम्बर दत्त ने बंद कमरे में सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया। एनआईए ने अदालत से दोनों आरोपितों की 15 दिन की हिरासत मांगी थी, ताकि उनसे विस्तृत पूछताछ कर आतंकी नेटवर्क की पूरी साजिश उजागर की जा सके, लेकिन अदालत ने 10 दिन की कस्टडी मंजूर की। दोनों आरोपितों को जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रोडक्शन वारंट पर दिल्ली लाया गया था, जिसके बाद उन्हें एनआईए को सौंप दिया गया। एनआईए के अनुसार, दोनों आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (एजीएच) के सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) हैं। जांच में पाया कि जमीर अहमद अहंगर (गांदरबल निवासी) और तुफैल अहमद भट (श्रीनगर निवासी) ने मुख्य आरोपी उमर उन नबी (जो विस्फोट में मारा गया था), मुफ्ती इरफान अहमद और डॉ. आदिल अहमद राठर से राइफल, पिस्टल तथा जिंदा कारतूस प्राप्त किए थे। दोनों हथियारों और गोला-बारूद जुटाने की साजिश में शामिल थे, जो दिल्ली ब्लास्ट सहित अन्य आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाले थे।