-मध्य प्रदेश के दमोह जिले के रहने वाले अनिल कुमार अहिरवार आर्य और राम कुमार अहिरवाल को निचली अदालत ने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराया था
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
द्वारका कोर्ट ने मारपीट के एक मामले में दो भाइयों की अपील खारिज की है। कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए सजा बरकरार रखी। दोनों आरोपियों ने कोर्ट में ही जुर्माना भर दिया, जो पीड़ित को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वंदना जैन ने कहा कि निचली अदालत के फैसले में कोई गलती नहीं है। इसके बाद अपील खारिज कर दी गई। फैसले के तुरंत बाद दोनों आरोपियों ने जुर्माने की राशि जमा कर दी। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के रहने वाले अनिल कुमार अहिरवार आर्य और राम कुमार अहिरवाल को निचली अदालत ने गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराया था। यह मामला साल 2024 का है। निचली अदालत ने 2 सितंबर 2025 को दोनों को दोषी ठहराया और 17 नवंबर 2025 को सजा सुनाई थी। सजा के तहत दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माना न भरने की स्थिति में 30 दिन की साधारण कैद का प्रावधान था। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि जुर्माने की रकम पीड़ित राजदेव को मुआवजे के रूप में दी जाए। अपील के दौरान आरोपियों के वकील ने दलील दी कि दोनों गरीब हैं, पहली बार अपराध किया है और अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले हैं, इसलिए सजा में राहत दी जाए। वहीं, सरकारी वकील ने अपील का विरोध किया और कहा कि निचली अदालत का फैसला सही है।