नई दिल्ली। तीस हजारी कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपियों रजत सूरी और लालदिमान उर्फ मुन्ना को आरोपमुक्त करते हुए बरी किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेम राज ने कहा कि अभियुक्तों के विरुद्ध अधिकतम आरोप यही हैं कि उन्होंने मृतक को उसकी मजदूरी नहीं दी, घिसाई मशीन रखी और पैसे की मांग की व मृतक की ओर से उपयोग की जाने वाली सामग्री के लिए पैसे काट लिए। अभियुक्तों का आचरण मृतक के प्रति परोपकारी नहीं था फिर भी अभियुक्तों के कार्यों या आचरण को उकसावे के रूप में नहीं लिया जा सकता। न्यायाधीश ने माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा है कि सुसाइड नोट मृतक की लिखावट में था। संवाद