एमसीडी पूरी दिल्ली में पेड़ों की गिनती कराएगी। हरेक वार्ड में पेड़ों को उनके यूनीक क्रमांक नंबर मिलेंगे। गणना से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इससे निश्चित रूप से शहर में हरियाली बढ़ेगी। इसके अतिरिक्त सभी वार्डों में पेड़ों का सही आंकड़ा पता चल पाएगा। इस जानकारी के आधार पर जिन क्षेत्रों में हरियाली कम होगी वहां पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाएगा। इस आंकड़े के आधार पर विभाग पौधरोपण व इनके रखरखाव की योजना बनाएगा।
मेयर डॉ. शैली ओबरॉय ने 15 दिन के भीतर इनकी गिनती का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। गिनती दो चरणों में की जाएगी। पहले चरण में कर्मचारी इनकी गणना करेंगे। दूसरे चरण में एआई के जरिए पेड़ों की लोकेशन और जियो टैगिंग की जाएगी। उद्यान विभाग को हरेक पेड़ पर उसकी क्रमांक संख्या अंकित करने के लिए निर्देश दिया गया है।
निगम पेड़ों की गिनती के लिए एआई तकनीक का प्रयोग करेगा। बुधवार को मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने बताया की हरियाली को बढ़ावा देने और पेड़ों की वास्तविक संख्या सुनिश्चित करने के लिए निगम ने पेड़ों की गणना कराने का निर्णय लिया है। इस पहल से पेड़ों की पहचान आसानी से हो पाएगी और उनकी छंटाई में भी मदद मिलेगी।
10 साल में तीन फीसदी बढ़ी हरियाली
मेयर ने बुधवार को बताया कि निगम ने हरित दिल्ली योजना के तहत 2023-24 में नवंबर तक 84143 बड़े होने वाले व 2,36,092 झाड़ीनुमा पौधे लगाए। बीते साल मियांवाकी तकनीक से तैयार आठ छोटे वन बनाए। पांच और वन बनाने की योजना है। दिल्ली में 2013 में ग्रीन कवर 20 फीसदी से बढ़कर 2023 में करीब 23 फीसदी से अधिक हो गया है।