बसों में सफर के लिए अब यात्रियों को परेशानी नहीं होगी। किस रूट पर कौन सी बस जाएगी, कहां बदलनी है और नजदीकी मेट्रो स्टेशन, अस्पताल, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित यात्रियों से संबंधित कई जरूरी जानकारियां आसानी से मिलेंगी। दरअसल, दिल्ली मेट्रो के सहयोग से अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त दिल्ली के 2000 बस क्यू शेल्टर (बीक्यूएस) पर रूट मैप लगाए जाएंगे। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को आईटीओ स्थित बस स्टॉप पर लगाए गए अत्याधुनिक बस रूट नेविगेशन मैप का शुभारंभ किया। योजना पर 27 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
परिवहन मंत्री ने कहा कि यात्रियों को अक्सर यह भ्रम होता है कि कौन सी बस कहां जाएगी। परेशानी उस वक्त और बढ़ जाती है जब सफर के दौरान बस बदलनी हो। बीक्यूएस में लगे नए रूट मैप से बसों के रूट और गंतव्य सहित कई जानकारियां यात्रियों को मिल सकेंगी। हिंदी और अंग्रेजी में रूट मैप लगाए जाएंगे, ताकि सभी यात्री आसानी से पढ़ सकें। ई-बसों के साथ दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है।
दिल्ली सरकार ने बीक्यूएस में बड़े आकार के रूट मैप लगाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ साझेदारी की है। 4 फुट चौड़े और 8 फुट ऊंचे बीक्यूएस स्टेनलेस स्टील फ्रेम में रूट मैप लगाए जाएंगे। छह महीने में मेट्रो इस परियोजना को लागू करेगी। इसके तहत नए रूट मैप का 3 साल तक रखरखाव शामिल होगा।
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की तर्ज पर बसों की जानकारी
दिल्ली सरकार बीक्यूएस में पैसेंजर इनफार्मेशन सिस्टम (पीआईएस) लागू करने पर भी काम कर रही है, जो रेलवे स्टेशनों या हवाई अड्डों की तर्ज पर प्रदर्शित होंगी। पीआईएस लागू होने से पता चलेगा कि किस रूट पर कितनी देर में बस आएगी।
नए रूट मैप के फायदे
आसान नेविगेशन: रूट मैप यात्रियों को बस क्यू शेल्टर पर इंतजार करते हुए उपयुक्त बस मार्ग और गंतव्य की जानकारी मिलेगी। इससे उचित बस में सफर का विकल्प मिलने से यात्रा सुलभ होने के साथ ही समय की भी बचत होगी। निर्बाध इंटरमॉडल यात्रा: मैप में नजदीक के मेट्रो स्टेशनों की जानकारी भी शामिल है। यात्रियों को परिवहन साधनों को बदलने में भी दिक्कत नहीं आएगी। सार्वजनिक स्थल, बस रूट पर स्थित आईएसबीटी, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों की भी जानकारी शामिल होगी। दिल्ली में दूसरे शहरों से आने वालों के लिए यह मानचित्र काफी मददगार होगा।