राष्ट्रीय राजधानी में जल्द ही यातायात नियमों के पालन की निगरानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित अत्याधुनिक कैमरों से होगी। सभी तरह के नियम टूटने पर तुरंत ई-चालान वाहन मालिक को भेज दिया जाएगा।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए खत्म होंगे डार्क स्पॉट
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डार्क स्पॉट की पहचान कर उन्हें खत्म किया जाएगा। साथ ही ऐसी 500 महिलाएं तलाशी जाएंगी जो सार्वजनिक वाहन चलाने में रुचि रखती हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने महिला सुरक्षा पर टास्क फोर्स की 19वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में एलजी ने दिल्ली सरकार के सभी विभागों और कार्यालयों से 15 दिन में सभी डार्क स्पॉट की पहचान कर 15 दिन में ठीक करने का आदेश दिया। साथ ही पहले और बाद की तस्वीरें साझा करने का आदेश दिया है।
एलजी ने दिल्ली पुलिस को सभी डार्क स्पॉट, विशेष रूप से बस स्टॉप के पास की पहचान करने, इसका नए सिरे से ऑडिट करने का निर्देश दिया। वहीं एलजी को बताया गया कि सेफ्टीपिन ऑडिट में 1406 डार्क स्पॉट की पहचान हुई। इसे खत्म करने की जरूरत है। एमसीडी कमिश्नर ने बताया कि इनमें से 1158 डार्क स्पॉट को रोशन किया जा चुका है। एलजी ने बाकी को एक माह में दूर करने का आदेश दिया है।
डार्क स्पॉट की सेफ्टीपिन ऑडिट में हुई पहचान
उद्देश्य : ड्रोन दीदी कार्यक्रम की सफलता को दोहरानाएलजी ने टास्क फोर्स को दिल्ली में सार्वजनिक वाहन चलाने में रुचि रखने वाली 500 महिलाओं की पहचान करने को कहा है ताकि उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित किया जा सके। पहल का उद्देश्य ‘ड्रोन दीदी’ कार्यक्रम की सफलता को दोहराना है। परिवहन विभाग ने बताया कि अब तक 660 महिला ड्राइवर थ्री-व्हीलर ऑटो, 96 महिला ड्राइवर डीटीसी बस चलाती हैं, और 1100 बस कंडक्टर हैं। साथ ही 1121 बसों में पैनिक बटन लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसे आपातकालीन कॉल नंबर 112 के साथ एकीकृत करने की आवश्यकता है।
दिल्ली में लगेंगे 10 हजार कैमरे
दिल्ली पुलिस ने एलजी को बताया कि संवेदनशील स्थानों पर 10 हजार एआई-सक्षम सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। संकट में महिलाओं की मदद के लिए 15 महिला पीसीआर वैन तैनात हैं। शहर में 15 साइबर अपराध पुलिस स्टेशन भी चालू किए गए हैं। इसके अलावा अन्य प्रयास भी किए गए। एलजी ने पुलिस को रियल टाइम में पीसीआर वैन में मौजूद लोगों को घटना से निपटने के लिए सतर्क रहने का निर्देश दिया।