तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद हाई सिक्योरिटी सेल में बंद कैदियों की सुरक्षा के लिए क्यूआरटी तैनात होगी। टीम में सात से आठ कर्मियों को शामिल किया गया है। इनके पास बॉडी प्रोटेक्टर के साथ साथ लाठी, स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक वाले डंडे होंगे
देश की हाई सिक्योरिटी जेलों में शामिल तिहाड़ जेल की सुरक्षा गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद और भी सख्त होगी। दरअसल, तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद हाई सिक्योरिटी सेल में बंद कैदियों की सुरक्षा के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) का गठन किया गया है।
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भविष्य में जेल में ऐसी घटना न हो इसके लिए गठित क्यूआरटी टीम 24 घंटे जेल में निगरानी करेगी। जेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस क्यूआरटी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के कर्मियों के साथ दिल्ली जेल के कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
एक जेल में दो क्यूआरटी होगी। जिसमें एक टीम की हाई सिक्योरिटी सेल में तैनात होगी जबकि दूसरी टीम पूरे जेल की निगरानी करेगी। यह व्यवस्था तिहाड़ के 14 जेलों में की गई है। टीम में सात से आठ कर्मियों को शामिल किया गया है।
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इनके पास बॉडी प्रोटेक्टर के साथ साथ लाठी, स्प्रे, इलेक्ट्रिक शॉक वाले डंडे होंगे। जिससे वह आपात काल में कैदियों को काबू कर सकेंगे। इनकी तैनाती होने से कैदियों के बीच होने वाली किसी भी लड़ाई व खून-खराबे पर काबू पाया जा सकेगा।
दो मई को तिहाड़ में हुई टिल्लू की हत्या
आपको बता दें कि दो मई को दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या विरोधी गैंग के सदस्यों ने कर दी थी। तिहाड़ जेल की हाई रिस्क वार्ड में ग्राउंड फ्लोर पर टिल्लू ताजपुरिया (33) बंद था। टिल्लू पर दो मई की सुबह करीब सवा छह बजे जेल में ही बंद चार बदमाशों दीपक उर्फ तीतर, योगेश उर्फ टुंडा, राजेंद्र और रियाज खान ने सुए और धारदार हथियार से हमला किया था।
गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया ग्राउंड फ्लोर पर जेल नंबर-9 में बंद था। गोगी गैंग के योगेश टुंडा और दूसरे सदस्य सुबह सवा छह बजे अपने वार्ड की लोहे की ग्रिल काटकर बाहर आए। इसके बाद बेडशीट का उपयोग कर ग्राउंड फ्लोर पर कूद गए। टिल्लू को यहां हाई-सिक्योरिटी वार्ड में रखा था। हमलावर टिल्लू के वार्ड में घुस गए। एक के बाद 90 से ज्यादा वार किए थे।
हाई सिक्योरिटी सेल में बंद होने की वजह से नहीं कर पा रहे थे टिल्लू की हत्या
आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद से ही उसके गैंग के बदमाश टिल्लू की हत्या करना चाहते थे, लेकिन हाई सिक्योरिटी सेल में बंद होने की वजह से उसकी हत्या नहीं कर पा रहे थे। जिस दौरान गोगी की हत्या की गई, उस दौरान टिल्लू मंडोली जेल में बंद था। उसने वहीं से गोगी की अदालत में पेशी के दौरान हत्या करने की साजिश रची।
एग्जास्ट फैन और लोहे की जाली निकालकर बनाए हथियार
तिहाड़ जेल में टिल्लू ताजपुरिया की हत्या की साजिश को इस तरह से रचा गया था कि किसी को कानों कान इसकी भनक नहीं लग सके, इसलिए हमलावरों ने जेल में ही उसकी हत्या के लिए हथियार तैयार किए। जांच में पता चला है कि हमलावरों ने पहली मंजिल की बैरक में लगे एग्जास्ट फैन और लोहे की जाली को निकालकर उससे हथियार बनाया। उसकी लोहे की पत्ती को घिसकर चाकू और सुआ तैयार किया।